अल-मुद्दस्सिर · 43/56
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुद्दस्सिर
قَالُوا لَمْ نَكُ مِنَ الْمُصَلِّينَ ۝٤٣
Qaaloo lam naku minal musalleen
📖 हिंदी अर्थ
कि हम न तो नमाज़ पढ़ा करते थे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَمْ نَكُ: हम नहीं थे (यहाँ "نَكُ" का अर्थ है "نَكُنْ" यानी "हम नहीं थे")।
  • مِنَ الْمُصَلِّينَ: नमाज़ पढ़ने वालों में से।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब अहले जहन्नम (जहन्नम वालों) से पूछा जाएगा कि "तुम्हें जहन्नम की आग में किस चीज़ ने डाला?" तो वे जवाब देंगे: "हम उन लोगों में से नहीं थे जो नमाज़ पढ़ते थे।" यानी उन्होंने अपने जीवन में अल्लाह की इबादत और उसके हुक्म को अहमियत नहीं दी, नमाज़ को छोड़ दिया, और अल्लाह के सामने सिर झुकाने से इनकार किया। यह उनकी सबसे बड़ी कमी थी, क्योंकि नमाज़ ही वह रस्सी है जो बंदे को अल्लाह से जोड़ती है, और उसे बुराईयों से रोकती है। जिसने नमाज़ छोड़ी, उसने अपने दीन (धर्म) की बुनियाद ही खो दी।

यहाँ अल्लाह तआला हमें बताना चाहते हैं कि नमाज़ सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि ईमान की पहचान और अल्लाह से रिश्ते का ज़रिया है। जो लोग नमाज़ पढ़ते हैं, वे अपने रब के करीब होते हैं, और उनकी ज़िंदगी में सुधार आता है। लेकिन जिन्होंने नमाज़ को हल्का समझा या छोड़ दिया, उनका अंजाम यह हुआ कि वे जहन्नम में जा पहुँचे।

दावती पहलू:

यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। अगर हम चाहते हैं कि क़यामत के दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जहन्नम की आग से बचें, तो हमें नमाज़ की पाबंदी करनी चाहिए। नमाज़ ही वह अमल है जो हमें अल्लाह की याद दिलाती है, हमारे दिल को साफ करती है, और हमें बुरे कामों से रोकती है। अल्लाह तआला ने क़ुरआन में फ़रमाया: "बेशक नमाज़ बुराई और बेशर्मी के कामों से रोकती है" (सूरह अल-अनकबूत: 45)। तो आओ, हम अपनी नमाज़ों को पूरी तरह से अदा करें, और उन्हें अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाएँ, ताकि हम उन लोगों में से न हों जो क़यामत के दिन शर्मिंदा हों और जहन्नम की आग में डाले जाएँ। अल्लाह हम सबको नमाज़ की पाबंदी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 41-45 — सूरा अल-मुद्दस्सिर

41عَنِ الْمُجْرِمِينَ
कि आख़िर तुम्हें दोज़ख़ में कौन सी चीज़ (घसीट) लायी
42مَا سَلَكَكُمْ فِي سَقَرَ
वह लोग कहेंगे
43قَالُوا لَمْ نَكُ مِنَ الْمُصَلِّينَ
कि हम न तो नमाज़ पढ़ा करते थे
44وَلَمْ نَكُ نُطْعِمُ الْمِسْكِينَ
और न मोहताजों को खाना खिलाते थे
45وَكُنَّا نَخُوضُ مَعَ الْخَائِضِينَ
और अहले बातिल के साथ हम भी बड़े काम में घुस पड़ते थे
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अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 43

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Tuesday, September 8, 2026

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