अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَمْ نَكُ: हम नहीं थे (यहाँ "نَكُ" का अर्थ है "نَكُنْ" यानी "हम नहीं थे")।
- مِنَ الْمُصَلِّينَ: नमाज़ पढ़ने वालों में से।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अहले जहन्नम (जहन्नम वालों) से पूछा जाएगा कि "तुम्हें जहन्नम की आग में किस चीज़ ने डाला?" तो वे जवाब देंगे: "हम उन लोगों में से नहीं थे जो नमाज़ पढ़ते थे।" यानी उन्होंने अपने जीवन में अल्लाह की इबादत और उसके हुक्म को अहमियत नहीं दी, नमाज़ को छोड़ दिया, और अल्लाह के सामने सिर झुकाने से इनकार किया। यह उनकी सबसे बड़ी कमी थी, क्योंकि नमाज़ ही वह रस्सी है जो बंदे को अल्लाह से जोड़ती है, और उसे बुराईयों से रोकती है। जिसने नमाज़ छोड़ी, उसने अपने दीन (धर्म) की बुनियाद ही खो दी।
यहाँ अल्लाह तआला हमें बताना चाहते हैं कि नमाज़ सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि ईमान की पहचान और अल्लाह से रिश्ते का ज़रिया है। जो लोग नमाज़ पढ़ते हैं, वे अपने रब के करीब होते हैं, और उनकी ज़िंदगी में सुधार आता है। लेकिन जिन्होंने नमाज़ को हल्का समझा या छोड़ दिया, उनका अंजाम यह हुआ कि वे जहन्नम में जा पहुँचे।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। अगर हम चाहते हैं कि क़यामत के दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जहन्नम की आग से बचें, तो हमें नमाज़ की पाबंदी करनी चाहिए। नमाज़ ही वह अमल है जो हमें अल्लाह की याद दिलाती है, हमारे दिल को साफ करती है, और हमें बुरे कामों से रोकती है। अल्लाह तआला ने क़ुरआन में फ़रमाया: "बेशक नमाज़ बुराई और बेशर्मी के कामों से रोकती है" (सूरह अल-अनकबूत: 45)। तो आओ, हम अपनी नमाज़ों को पूरी तरह से अदा करें, और उन्हें अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाएँ, ताकि हम उन लोगों में से न हों जो क़यामत के दिन शर्मिंदा हों और जहन्नम की आग में डाले जाएँ। अल्लाह हम सबको नमाज़ की पाबंदी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 41-45 — अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 43
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि हम न तो नमाज़ पढ़ा करते थेसूरा आयत 43/56 — अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुद्दस्सिर सुनें, अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, अल-मुद्दस्सिर mp3, अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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