अल-क़ियामा · 1/40
अनुवाद उच्चारण — अल-क़ियामा
لَا أُقْسِمُ بِيَوْمِ الْقِيَامَةِ ۝١
Laaa uqsimu bi yawmil qiyaamah
📖 हिंदी अर्थ
मैं रोजे क़यामत की क़सम खाता हूँ
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا أُقْسِمُ: यहाँ "لَا" अतिरिक्त (ज़ाइदा) है, जो क़सम को और अधिक पुष्ट करने के लिए आई है। अर्थात "मैं क़सम खाता हूँ"।
  • بِيَوْمِ الْقِيَامَةِ: उस दिन की क़सम जिसमें सभी लोग अपने कर्मों का हिसाब देने के लिए उठाए जाएँगे।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में क़ियामत के दिन की क़सम खाई है, और यह क़सम उस दिन की अज़ीम शान और उसके हौलनाक होने की तरफ़ इशारा करती है। क़ियामत का दिन वह दिन है जब सारी मख़लूक़ात अपने रब के सामने हाज़िर होंगी, और हर इंसान अपने अच्छे और बुरे कर्मों का पूरा हिसाब देगा। यह दिन इतना भयानक और अहम है कि अल्लाह ने खुद इसकी क़सम खाई, ताकि बंदे इस पर यक़ीन करें और इसके लिए तैयारी करें।

यह क़सम इस बात की दलील है कि क़ियामत का आना बिल्कुल सच और यक़ीनी है। जिस तरह अल्लाह ने इस दिन की क़सम खाकर इसकी अहमियत बयान की, उसी तरह हमें भी चाहिए कि हम इस दिन पर पूरा ईमान रखें और अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारें कि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो। यह दिन उन लोगों के लिए खुशी का दिन होगा जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इताअत की और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चले, और उन लोगों के लिए अफ़सोस और पछतावे का दिन होगा जिन्होंने अल्लाह के हुक्मों को नज़रअंदाज़ किया।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया हमेशा रहने वाली नहीं है, और हम सबको एक दिन इस दुनिया से जाना है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने आख़िरत को संवारें, नेक अमल करें, और उस दिन की तैयारी करें जब हम अपने रब के सामने खड़े होंगे। क़ियामत का दिन हक़ है, और उस पर ईमान लाना हमारे ईमान का हिस्सा है। अल्लाह हम सबको उस दिन की हौलनाकी से बचाए और अपनी रहमत से हमें माफ़ कर दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-3 — अल-क़ियामा

1لَا أُقْسِمُ بِيَوْمِ الْقِيَامَةِ
मैं रोजे क़यामत की क़सम खाता हूँ
2وَلَا أُقْسِمُ بِالنَّفْسِ اللَّوَّامَةِ
(और बुराई से) मलामत करने वाले जी की क़सम खाता हूँ (कि तुम सब दोबारा) ज़रूर ज़िन्दा किए जाओगे
3أَيَحْسَبُ الْإِنسَانُ أَلَّن نَّجْمَعَ عِظَامَهُ
क्या इन्सान ये ख्याल करता है (कि हम उसकी हड्डियों को बोसीदा होने के बाद) जमा न करेंगे हाँ (ज़रूर करेंगें)
अल-क़ियामाकुरान सूची
40आयत
मक्कीRevelation
1आयत

अनुवाद — अल-क़ियामा 1

सूरा अल-क़ियामा आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मैं रोजे क़यामत की क़सम खाता हूँ

सूरा आयत 1/40 — अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ियामा सुनें, अल-क़ियामा अनुवाद, अल-क़ियामा mp3, अल-क़ियामा pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए