Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِلَى رَبِّهَا = अपने रब की ओर
- نَاظِرَةٌ = देखने वाली (आँखों से देखना)
तफ़सीर (व्याख्या):
क़ियामत के दिन मोमिनों के चेहरे ऐसे होंगे जो खुशी, ताज़गी और नूरानीयत से चमक रहे होंगे। उनकी आँखें अपने रब की तरफ देख रही होंगी — यह सीधे आँखों से देखना होगा, जो अल्लाह तआला का सबसे बड़ा इनाम है। यह वह मंज़र है जिसका वादा अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया है। जब वे जन्नत की नेअमतों के बीच होंगे, तो सबसे बड़ी नेअमत यह होगी कि वे अपने रब को देखेंगे — यह उनकी आँखों की ठंडक और दिलों का सुकून होगा। यह देखना किसी शक या ग़लतफ़हमी से पाक है, बल्कि यह अल्लाह की तरफ से खास करामत और इज़्ज़त है जो सिर्फ़ अहले ईमान को मिलेगी।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला की रहमत और करम का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके हुक्मों पर चलते हैं और उसकी राह में सब्र करते हैं, उनके लिए आख़िरत में ऐसा इनाम है जो किसी आँख ने नहीं देखा, किसी कान ने नहीं सुना और किसी दिल ने नहीं सोचा। यह ख़बर हमें अमल की तरफ उभारती है — कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ, ताकि उस दिन हम भी उन खुशनसीब लोगों में शामिल हों जो अपने रब को देखने की नेअमत पाएँ। यही सबसे बड़ी कामयाबी है, और इसी के लिए हमें दुनिया में मेहनत करनी चाहिए। अल्लाह तआला हमें इस नेअमत का हक़दार बनाए। आमीन।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 23
सूरा अल-क़ियामा आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और) अपने परवरदिगार (की नेअमत) को देख रहे होंगेसूरा आयत 23/40 — सूरा अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़ियामा सुनें, सूरा अल-क़ियामा अनुवाद, सूरा अल-क़ियामा mp3, सूरा अल-क़ियामा pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-क़ियामा
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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