अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَاسِرَةٌ: उदास, मलिन, चेहरे पर उदासी और कठोरता के निशान।
तफ़सीर (व्याख्या):
उस दिन कुछ चेहरे ऐसे होंगे जो बिल्कुल उदास, मलिन और कठोर होंगे। ये उन लोगों के चेहरे होंगे जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को नहीं माना, उसके रसूलों को झुठलाया और अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की नाफ़रमानी की। उनके चेहरों पर उस वक्त ऐसी उदासी और बेबसी छाई होगी कि वे खुद को एक बड़ी आफ़त का इंतज़ार करते हुए महसूस करेंगे, ऐसी मुसीबत जो उनकी कमर तोड़ देगी और उन्हें बर्बाद कर देगी। यह उनकी उस बुरी ज़िंदगी का नतीजा होगा जो उन्होंने दुनिया में गुज़ारी थी, जहाँ उन्होंने सच्चाई को नकारा और गुनाहों में डूबे रहे।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी कैसे गुज़ार रहे हैं। क्या हम अल्लाह की इबादत और उसके हुक्मों की पालना कर रहे हैं, या हम उसकी नाफ़रमानी में मशगूल हैं? याद रखिए, उस दिन हर इंसान अपने किए का फल पाएगा। जो लोग अल्लाह के करीब रहेंगे और उसकी राह पर चलेंगे, उनके चेहरे उस दिन रोशन और खुश होंगे। लेकिन जो लोग अल्लाह से दूर रहेंगे, उनके चेहरे उस दिन उदास और मलिन होंगे। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह पर चलाने की कोशिश करें, ताकि उस दिन हमारे चेहरे खुशियों से चमकें, न कि उदासी और मलिनता से। अल्लाह हमें सीधी राह दिखाए और हमें उन लोगों में शामिल करे जिनके चेहरे उस दिन रोशन होंगे। आमीन।
📜 आयत 22-26 — अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 24
सूरा अल-क़ियामा आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बहुतेरे मुँह उस दिन उदास होंगेसूरा आयत 24/40 — अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ियामा सुनें, अल-क़ियामा अनुवाद, अल-क़ियामा mp3, अल-क़ियामा pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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