अल-क़ियामा · 22/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़ियामा
وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاضِرَةٌ ۝٢٢
Wujoohuny yawma `izin naadirah
📖 हिंदी अर्थ
उस रोज़ बहुत से चेहरे तो तरो ताज़ा बशबाब होंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • वुजूहुन (وجوه) — चेहरे
  • यौमइज़िन (يومئذ) — उस दिन (क़ियामत के दिन)
  • न्नादिरह (ناضرة) — चमकते हुए, रौशन, खूबसूरत, ताज़गी और निखार वाले

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में क़ियामत के दिन के दो गिरोहों का ज़िक्र करते हैं। पहले गिरोह का हाल बयान करते हुए फ़रमाते हैं कि उस दिन कुछ चेहरे ऐसे होंगे जो नादिरा यानी चमकते हुए, रौशन और खूबसूरत होंगे। ये चेहरे उन लोगों के होंगे जिन्होंने दुनिया में ईमान और नेक अमल किया। उनके चेहरों पर नेमत, ख़ुशी और इत्मिनान की चमक होगी। उनकी सूरतें नर्म, ताज़ा और नूरानी होंगी, जैसे किसी बाग़ में ताज़गी और हरियाली होती है।

ये चेहरे उस वक़्त अपने रब की तरफ देख रहे होंगे, और उनकी ये चमक इसलिए है क्योंकि उन्होंने अपने रब की रज़ा हासिल की। वो दिन उनके लिए ख़ुशी और कामयाबी का दिन होगा। उनके चेहरों की ये रौशनी उनके दिलों की सफ़ाई और ईमान की नूरानियत का अक्स होगी।

दावती पहलू:

ये आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए ऐसा इनाम तैयार किया है जिसकी कोई मिसाल नहीं। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके हुक्मों पर अमल करते हैं और उसकी राह में नेकियाँ कमाते हैं, उनके चेहरे क़ियामत के दिन ऐसे चमकेंगे जैसे सूरज चमकता है। ये चमक उनके अमल की कामयाबी की निशानी होगी।

तो आओ, हम सब अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ, नेक अमल करें, और उस दिन की ख़ुशी और रौशनी के हक़दार बनें। याद रखें, दुनिया की ये चमक-दमक फ़ानी है, लेकिन उस दिन की चमक हमेशा रहने वाली है। अल्लाह हमें उन चेहरों में शामिल करे जो उस दिन नादिरा (चमकते हुए) होंगे। आमीन।



📜 आयत 20-24 — सूरा अल-क़ियामा

20كَلَّا بَلْ تُحِبُّونَ الْعَاجِلَةَ
मगर (लोगों) हक़ तो ये है कि तुम लोग दुनिया को दोस्त रखते हो
21وَتَذَرُونَ الْآخِرَةَ
और आख़ेरत को छोड़े बैठे हो
22وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاضِرَةٌ
उस रोज़ बहुत से चेहरे तो तरो ताज़ा बशबाब होंगे
23إِلَىٰ رَبِّهَا نَاظِرَةٌ
(और) अपने परवरदिगार (की नेअमत) को देख रहे होंगे
24وَوُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ بَاسِرَةٌ
और बहुतेरे मुँह उस दिन उदास होंगे
अल-क़ियामाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
22आयत

अनुवाद — अल-क़ियामा 22

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Monday, September 28, 2026

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