अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَسَفَ (ख़सफ़ा): अंधकारमय हो जाना, प्रकाश चला जाना, या ग्रहण लग जाना।
- الْقَمَر (अल-क़मर): चंद्रमा।
विस्तृत तफ़सीर:
जब क़ियामत का दिन आएगा, तो वहाँ के हालात इतने भयानक और हैरतअंगेज़ होंगे कि इंसान की आँखें खुली की खुली रह जाएँगी, वह स्तब्ध रह जाएगा और डर के मारे उसकी निगाहें चकरा जाएँगी। उस दिन चंद्रमा का प्रकाश जाता रहेगा, वह अंधकारमय हो जाएगा और उसकी रोशनी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। यहाँ तक कि सूर्य और चंद्रमा दोनों को एक साथ इकट्ठा किया जाएगा, लेकिन दोनों में से किसी में भी प्रकाश नहीं होगा। दोनों अंधकार में डूब जाएँगे। यह उस महान दिन की भयावहता का एक नमूना है, जब सारा निज़ाम-ए-कायनात बिखर जाएगा और हर चीज़ अपनी हालत खो देगी।
यह वह समय होगा जब इंसान घबराकर चीख़ उठेगा: "आज भागने की जगह कहाँ है?" लेकिन उस दिन कोई पनाहगाह नहीं होगी, कोई छिपने की जगह नहीं होगी। यह अल्लाह तआला की क़ुदरत का एक अज़ीम मंज़र है, जो हमें बताता है कि यह दुनिया हमेशा नहीं रहेगी, और हर इंसान को अपने अमल का हिसाब देना होगा।
इस आयत से हमें सबक़ लेना चाहिए कि हम उस दिन के लिए तैयारी करें। जिस दिन चाँद की रोशनी भी ज़ालिम अंधकार में बदल जाएगी, उस दिन सिर्फ़ अल्लाह की रहमत और उसकी पनाह ही काम आएगी। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत में गुज़ारना चाहिए, नेक अमल करने चाहिए, और उस दिन के ख़ौफ़ को अपने दिलों में जगह देनी चाहिए ताकि हम उस अज़ीम दिन की मुसीबतों से महफ़ूज़ रह सकें। अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को उस दिन की हर परेशानी से बचाएगा और उन्हें जन्नत की नेमतों से नवाज़ेगा।
📜 आयत 6-10 — अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 8
सूरा अल-क़ियामा आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और चाँद गहन में लग जाएगासूरा आयत 8/40 — अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ियामा सुनें, अल-क़ियामा अनुवाद, अल-क़ियामा mp3, अल-क़ियामा pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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