Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَرِقَ (बरिक़ा): आँखों का चकाचौंध हो जाना, हक्का-बक्का रह जाना, या मृत्यु के समय आँखों का खुला रह जाना और पलक न झपकना। इसका अर्थ यह भी है कि भय और हैरानी से आँखें स्थिर हो जाएँ और देखने की शक्ति खत्म हो जाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़ियामत का वह भयानक दिन आएगा, और इंसान उन अज़ीम (महान) हौलों (भयावह घटनाओं) को देखेगा जिन्हें वह दुनिया में झुठलाता रहा था, तो उसकी आँखें भय और हैरानी से चकाचौंध हो जाएँगी। उसकी निगाहें स्थिर हो जाएँगी, पलकें नहीं झपकेंगी, और वह उन मंज़रों को देखकर दंग रह जाएगा। यह वह समय होगा जब चाँद की रोशनी जाती रहेगी, सूरज और चाँद दोनों एक साथ इकट्ठे किए जाएँगे और उनका नूर (प्रकाश) खत्म हो जाएगा। इंसान उस वक्त घबराकर चिल्लाएगा: "कहाँ भागूँ? कहाँ पनाह लूँ?" लेकिन उस दिन कोई पनाहगाह नहीं होगी।
यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाती है जब हर इंसान अपने कर्मों के सामने खड़ा होगा। यह दुनिया की ज़िंदगी की बेहद कम मोहलत (अवधि) को समझने की दावत देती है। अल्लाह तआला ने हमें इस दुनिया में मौका दिया है कि हम अपने आख़िरत (परलोक) को संवार लें। जिस दिन आँखें चकाचौंध होंगी, तौबा (पश्चाताप) का दरवाज़ा बंद हो चुका होगा। इसलिए आज ही अपने रब की तरफ लौटें, उसकी इबादत करें, और उस दिन के लिए तैयारी करें जब कोई काम न आएगा, सिवाय नेक अमल (अच्छे कर्मों) के। अल्लाह हमें उस दिन की हौलनाकी से बचाए और हमारे आख़िरत को खूबसूरत बनाए। आमीन।
📜 आयत 5-9 — सूरा अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 7
सूरा अल-क़ियामा आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जब ऑंखे चकाचौन्ध में आ जाएँगीसूरा आयत 7/40 — सूरा अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़ियामा सुनें, सूरा अल-क़ियामा अनुवाद, सूरा अल-क़ियामा mp3, सूरा अल-क़ियामा pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-क़ियामा
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


