अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَجُمِعَ: एकत्र किया जाएगा, मिला दिया जाएगा।
- الشَّمْسُ: सूर्य।
- وَالْقَمَرُ: और चंद्रमा।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़ियामत का दिन आएगा, तो वहाँ के हालात इतने भयावह और हैरान कर देने वाले होंगे कि इंसान की आँखें खौफ़ के मारे चकाचौंध हो जाएँगी और वह स्तब्ध रह जाएगा। उस दिन चंद्रमा की रोशनी जाती रहेगी, और सूर्य तथा चंद्रमा दोनों को एक साथ मिला दिया जाएगा—यानी दोनों के जिस्म एक हो जाएँगे और उनकी रोशनी खत्म कर दी जाएगी। न तो सूर्य की कोई चमक बचेगी और न चंद्रमा का कोई नूर। दोनों अंधकार में डूब जाएँगे, और यह दृश्य उस दिन की महान घबराहट और आतंक का एक हिस्सा होगा।
यह वह समय होगा जब इंसान अपनी सारी दुनियावी चीज़ों को भूलकर केवल यही पुकारेगा: "आज भागने की जगह कहाँ है?" लेकिन उस दिन कोई पनाहगाह नहीं होगी, कोई ठिकाना नहीं होगा। यह अल्लाह तआला की क़ुदरत का एक अज़ीम मंज़र है, जो हमें याद दिलाता है कि यह दुनिया हमेशा नहीं रहेगी, और इसके सारे निज़ाम एक दिन तब्दील हो जाएँगे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें ग़ाफ़िल होने से बचाती है और बताती है कि जिस सूरज की रोशनी से हम रोज़ाना फ़ायदा उठाते हैं और जिस चाँद की चांदनी से रातें रौशन होती हैं, वे सब एक दिन बेरौनक हो जाएँगे। यह अल्लाह की क़ुदरत की निशानियाँ हैं, जो हमें उसकी अज़मत और उसके इंतज़ाम की याद दिलाती हैं। जब ये बड़ी मख़लूक़ात इस तरह बदल जाएँगी, तो हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को सुधारें, अल्लाह की इबादत को अपना असल मक़सद बनाएँ, और उस दिन के लिए तैयारी करें जब कोई भी दौलत, कोई भी रिश्ता और कोई भी ताक़त काम न आएगी। यही वह पल है जब सिर्फ़ ईमान और नेक अमल ही इंसान के काम आएँगे। अल्लाह हमें उस दिन के ख़ौफ़ से डरने और उसकी रहमत की तरफ़ भागने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 7-11 — अल-क़ियामा
अनुवाद — अल-क़ियामा 9
सूरा अल-क़ियामा आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सूरज और चाँद इकट्ठा कर दिए जाएँगेसूरा आयत 9/40 — अल-क़ियामा القيامة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ियामा सुनें, अल-क़ियामा अनुवाद, अल-क़ियामा mp3, अल-क़ियामा pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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