अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- सुन्दुस – बारीक रेशम (पतला रेशमी कपड़ा)।
- इस्तबरक़ – मोटा रेशम (गाढ़ा दीबाज)।
- असाविर – कंगन (चूड़ियाँ), जो सजावट के लिए पहने जाते हैं।
- तहूर – पवित्र और शुद्ध, जिसमें किसी प्रकार की गंदगी या मैल न हो।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जो नेअमतें (इनाम) तैयार की हैं, उनमें से एक यह भी है कि उनके ऊपर हरे रंग के बारीक और मोटे रेशम के कपड़े होंगे, जो उनके शरीर को ढँकेंगे और उन्हें खूबसूरत बनाएँगे। यह वस्त्र इतने उम्दा होंगे कि उनकी परत (अस्तर) बारीक रेशम की होगी और ऊपरी हिस्सा मोटे रेशम का, और यह सब हरे रंग का होगा – जो आँखों को सुकून देने वाला और दिल को ताज़गी देने वाला रंग है। इसके अलावा, उन्हें चाँदी के कंगन पहनाए जाएँगे, जो उनकी शान और इज़्ज़त की निशानी होंगे। और इन सब नेअमतों के ऊपर, उनका रब उन्हें एक ऐसा पवित्र पेय पिलाएगा जो हर प्रकार की गंदगी, मैल और नुक़्स से पाक होगा – न तो उसे पैरों ने रौंदा होगा और न ही गंदे हाथों ने छुआ होगा, जैसा कि दुनिया की शराब के साथ होता है। यह पेय उनके दिलों को साफ करेगा और उन्हें पूर्ण शुद्धता और सुकून प्रदान करेगा।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें जन्नत की उन नेअमतों की झलक दिखाती है जो अल्लाह ने अपने प्यारे बंदों के लिए तैयार की हैं। जब हम सोचते हैं कि वहाँ के कपड़े, गहने और पेय कितने उत्तम और पवित्र होंगे, तो हमारा दिल चाहता है कि हम भी उन बंदों में शामिल हों। यह आयत हमें यह सिखाती है कि दुनिया की चमक-दमक और शान-शौकत कुछ दिनों की है, लेकिन जन्नत की नेअमतें हमेशा रहने वाली हैं। अल्लाह ने यह सब उन लोगों के लिए तैयार किया है जो उस पर ईमान लाते हैं, उसकी इबादत करते हैं और अच्छे काम करते हैं। तो आओ, हम अपने जीवन को अल्लाह की राह में लगाएँ, उसकी आज्ञाओं का पालन करें और उसकी मनाही से बचें, ताकि हम भी उस दिन इन नेअमतों को पा सकें और हमेशा के लिए खुशियों से भरी ज़िंदगी जी सकें। याद रखें, अल्लाह की रहमत और उसका इनाम उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ दौड़ते हैं और उसकी रज़ा (खुशी) को अपना लक्ष्य बनाते हैं।
📜 आयत 19-23 — अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 21
सूरा अल-इंसान आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनके ऊपर सब्ज़ क्रेब और अतलस की पोशाक होगी और…सूरा आयत 21/31 — अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इंसान सुनें, अल-इंसान अनुवाद, अल-इंसान mp3, अल-इंसान pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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