Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جزاءً – बदला, प्रतिफल
- سعيكم – तुम्हारा प्रयास, तुम्हारा कर्म
- مشكورًا – स्वीकृत, क़बूल किया हुआ, जिस पर अल्लाह की ओर से शुक्रिया अदा किया गया हो
तफ़सीर:
जब अहल-ए-जन्नत (जन्नत वाले) इस नेमतों से भरी जगह में दाखिल होंगे और उनकी आँखें इन अनगिनत इनामों को देखकर हैरान रह जाएँगी, तो अल्लाह तआला की ओर से फ़रिश्तों के ज़रिए या सीधे तौर पर उन्हें ख़िताब किया जाएगा: "ये सब कुछ जो तुम्हें मिला है, यह तुम्हारे उन अच्छे आमाल का बदला है जो तुमने दुनिया में किए थे।"
यानी यह नेमतें किसी मुफ़्त का तोहफ़ा नहीं, बल्कि उस मेहनत और मशक्कत का फल है जो तुमने अल्लाह की राह में उठाई। तुमने नमाज़ पढ़ी, रोज़े रखे, ज़कात दी, अच्छे काम किए, बुराइयों से बचे — यह सब तुम्हारा "सई" (प्रयास) था। और अल्लाह तआला ने उस प्रयास को مشكورًا यानी क़बूल फरमाया और उसकी क़द्र की।
अल्लाह का "शुक्र" करने का मतलब यह है कि उसने तुम्हारे छोटे-छोटे अच्छे कामों को भी बड़ा अज्र दिया, उन्हें बरकत दी और उन्हें हरगिज़ ज़ाइए (बेकार) नहीं जाने दिया। यह अल्लाह की सबसे बड़ी मेहरबानी है कि वह अपने बंदों के छोटे-छोटे नेक कामों को भी क़बूल करता है और उन्हें ऐसा बदला देता है जिसका अंदाज़ा नहीं किया जा सकता।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला कितना क़रीम (सखी) और रहीम है! वह हमारे छोटे-छोटे अच्छे कामों को भी भूलता नहीं। जब हम दुनिया में कोई अच्छा काम करते हैं — चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो — अल्लाह उसे लिख लेता है और उसका अज्र अच्छी तरह देता है।
यह आयत मोमिन के दिल में उम्मीद पैदा करती है कि उसकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। चाहे दुनिया में लोग उसकी क़द्र न करें, चाहे उसे तारीफ़ न मिले, लेकिन अल्लाह के पास उसका हर अच्छा काम महफ़ूज़ है। और जिस दिन वह जन्नत में दाखिल होगा, उस दिन उसे यह एहसास होगा कि उसकी सारी मेहनत रंग लाई!
यही वह चीज़ है जो हमें अच्छे कामों पर साबित क़दम रखने की ताक़त देती है। जब हमें पता हो कि अल्लाह हमारे प्रयासों को देख रहा है और उन्हें क़बूल करेगा, तो हमारा दिल इबादत और नेकी की तरफ़ और ज़्यादा माइल हो जाता है।
अल्लाह हम सबको ऐसी ज़िंदगी गुज़ारने की तौफ़ीक़ दे जो उसकी रज़ा के मुताबिक़ हो, और हमें उस दिन की ख़ुशी नसीब करे जब हमें कहा जाए: "यह तुम्हारे लिए है, और तुम्हारा प्रयास क़बूल किया गया!" आमीन।
📜 आयत 20-24 — सूरा अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 22
सूरा अल-इंसान आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये यक़ीनी तुम्हारे लिए होगा और तुम्हारी (कारगुज़ारियों के) सिले…सूरा आयत 22/31 — सूरा अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इंसान सुनें, सूरा अल-इंसान अनुवाद, सूरा अल-इंसान mp3, सूरा अल-इंसान pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इंसान
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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