Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नज़्ज़लना (نَزَّلْنَا): हमने उतारा — यहाँ "तनज़ील" का शब्द इस्तेमाल हुआ है जो क्रमिक रूप से, थोड़ा-थोड़ा करके उतारने को दर्शाता है।
- तनज़ीलन (تَنزِيلًا): यह शब्द अपने आप में ताकीद (emphasis) के लिए आया है, यानी सचमुच क़ुरआन को हमने ही उतारा है, और इसे इस तरह उतारा गया कि कोई इसमें किसी और का दख़ल नहीं।
तफ़सीर:
ऐ नबी! यह बात पूरे यक़ीन और सख़्त ताकीद के साथ कही जा रही है कि यह क़ुरआन हमने ही आप पर उतारा है — कोई और इसमें शामिल नहीं। यह कोई साधारण किताब नहीं है जो एक बार में उतार दी गई हो, बल्कि इसे हमने थोड़ा-थोड़ा करके, हालात और ज़रूरतों के मुताबिक़, आयत-दर-आयत उतारा है। इसका उतारना हमारी अपनी योजना और हिकमत से हुआ है।
यह तनज़ील (क्रमिक उतारना) अपने आप में एक बहुत बड़ी रहमत है। अगर यह किताब एक ही बार में उतार दी जाती, तो लोगों के लिए इसे समझना और इस पर अमल करना मुश्किल होता। लेकिन अल्लाह ने इसे धीरे-धीरे इसलिए उतारा ताकि लोग इसे आसानी से सीखें, समझें, और अपनी ज़िंदगी में लागू करें। हर नई आयत के साथ नई रोशनी मिलती गई, हर मुश्किल का हल मिलता गया, और ईमान वालों के दिल मज़बूत होते गए।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को तसल्ली दे रहे हैं कि यह क़ुरआन जो आप पर उतरा है, यह हमारी तरफ़ से है — इसमें कोई शक नहीं। और यह भी बता रहे हैं कि इस किताब का मक़सद सिर्फ़ पढ़ना नहीं, बल्कि लोगों को उन वादों और वायदों से आगाह करना है जो इसमें हैं — जन्नत की ख़ुशख़बरी और जहन्नम का डर, नेकी का इनाम और गुनाह की सज़ा।
और यही वह किताब है जो आज भी हर इंसान के लिए रहनुमा है। जो इसे पकड़ लेता है, वह कभी गुमराह नहीं होता। जो इस पर अमल करता है, उसकी ज़िंदगी बदल जाती है। यह किताब क़यामत तक के लिए रौशनी है — और यही अल्लाह की सबसे बड़ी नेमत है जो उसने अपने बंदों पर की है।
तो ऐ इंसान! इस क़ुरआन को पढ़, समझ, और उस पर अमल कर। यही तेरी कामयाबी की चाबी है। यह अल्लाह की तरफ़ से तेरे लिए रहमत और हिदायत है — इसे हाथ से मत जाने दे।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-इंसान
अनुवाद — अल-इंसान 23
सूरा अल-इंसान आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) हमने तुम पर क़ुरान को रफ्ता रफ्ता करके…सूरा आयत 23/31 — सूरा अल-इंसान الإنسان (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इंसान सुनें, सूरा अल-इंसान अनुवाद, सूरा अल-इंसान mp3, सूरा अल-इंसान pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इंसान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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