अल-मुरसलात · 17/50
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुरसलात
ثُمَّ نُتْبِعُهُمُ الْآخِرِينَ ۝١٧
Summa nutbi`uhumul aakhireen
📖 हिंदी अर्थ
फिर उनके पीछे पीछे पिछलों को भी चलता करेंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • نُتْبِعُهُمُ: हम उन्हें मिला देंगे / उनके पीछे लगा देंगे
  • الْآخِرِينَ: पिछले लोगों के बाद आने वाले (बाद के लोग)

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों को चेतावनी दे रहे हैं जो सच्चाई को झुठलाते हैं और नबियों की दावत को नकारते हैं। अल्लाह फरमाता है कि जिस तरह हमने पहले की उम्मतों को उनके कुफ्र और झुठलाने की वजह से हलाक किया — जैसे क़ौमे नूह, आद, समूद और फिरऔन की क़ौम — उसी तरह हम उनके बाद आने वालों को भी हलाक करेंगे जो उन्हीं के रास्ते पर चलेंगे और रसूलों को झुठलाएंगे। यानी अल्लाह का क़ानून हमेशा से यही रहा है कि जो लोग हक़ को नकारते हैं, वे अल्लाह के अज़ाब से नहीं बच सकते।

इस आयत में ख़ास तौर पर मक्का के काफ़िरों को ख़ताब है, क्योंकि उन्होंने भी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ को झुठलाया और उनकी दावत को नकारा। अल्लाह उन्हें डरा रहा है कि जिस तरह पिछली उम्मतें अपने झुठलाने की वजह से तबाह हो गईं, उसी तरह तुम भी तबाह हो जाओगे। यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है जो कभी नहीं बदलती।

दावती पहलू:

यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत और इबरत है। अल्लाह का वादा है कि वह हक़ का साथ देता है और बातिल को मिटा देता है। जो लोग अल्लाह के दीन से मुंह मोड़ते हैं, वे चाहे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों, अल्लाह की पकड़ से नहीं बच सकते। यह हमारे लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है कि अगर हम सच्चाई पर क़ायम रहें, तो अल्लाह हमारी मदद करेगा, चाहे दुनिया की ताक़तें हमारे खिलाफ क्यों न हों। आज भी जो लोग क़ुरआन और सुन्नत पर अमल करते हैं, अल्लाह उन्हें इज़्ज़त देता है, और जो इन्हें झुठलाते हैं, वे आख़िरकार रुसवा होते हैं। यह अल्लाह का अटल क़ानून है — हक़ की जीत और बातिल की हार तय है।



📜 आयत 15-19 — सूरा अल-मुरसलात

15وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब है
16أَلَمْ نُهْلِكِ الْأَوَّلِينَ
क्या हमने अगलों को हलाक नहीं किया
17ثُمَّ نُتْبِعُهُمُ الْآخِرِينَ
फिर उनके पीछे पीछे पिछलों को भी चलता करेंगे
18كَذَٰلِكَ نَفْعَلُ بِالْمُجْرِمِينَ
हम गुनेहगारों के साथ ऐसा ही किया करते हैं
19وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब है
अल-मुरसलातकुरान सूची
50आयत
मक्कीअवतरण स्थान
17आयत

अनुवाद — अल-मुरसलात 17

सूरा अल-मुरसलात आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उनके पीछे पीछे पिछलों को भी चलता करेंगे

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Thursday, October 1, 2026

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