अल-मुरसलात · 18/50
अनुवाद उच्चारण — अल-मुरसलात
كَذَٰلِكَ نَفْعَلُ بِالْمُجْرِمِينَ ۝١٨
Kazzlika naf`alu bilmujrimeen
📖 हिंदी अर्थ
हम गुनेहगारों के साथ ऐसा ही किया करते हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • كَذَٰلِكَ — इसी प्रकार, ऐसे ही।
  • نَفْعَلُ — हम करते हैं।
  • بِالْمُجْرِمِينَ — अपराधियों (अपराध करने वालों) के साथ।

व्याख्या:

यह आयत उस भयानक सत्य को उजागर करती है जो अल्लाह तआला ने अपने कलाम में बयान किया है। अल्लाह तआला फरमाता है कि जिस प्रकार हमने पिछली उम्मतों के साथ व्यवहार किया — जिन्होंने अपने नबियों को झुठलाया और ज़ुल्म व सरकशी पर अड़े रहे — उन्हें हलाक कर दिया, ठीक उसी प्रकार हम उन अपराधियों के साथ भी करेंगे जो मक्का के काफिरों में से हैं और जिन्होंने हमारे आखिरी नबी मुहम्मद ﷺ को झुठलाया है।

यहाँ अल्लाह तआला ने एक स्पष्ट चेतावनी दी है कि उसकी सुन्नत (क़ानून) कभी नहीं बदलती। जिस प्रकार अतीत में झुठलाने वालों का अंजाम विनाश था, उसी प्रकार वर्तमान और भविष्य में भी अपराधियों का अंजाम विनाश ही है। यह कोई खाली धमकी नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक सत्य है जो बार-बार साबित हुआ है।

इस आयत में हमारे लिए एक बड़ी सीख है — कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और वह अपने बंदों पर ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि जब बंदे हद से गुजर जाते हैं और हक़ को नकारते हैं, तो अल्लाह की यही सुन्नत है कि वह उन्हें पकड़ लेता है।

लेकिन साथ ही, यह आयत रहमत का पैगाम भी देती है — कि अल्लाह तआला ने पहले से ही अपने बंदों को आगाह कर दिया है, ताकि वे अपनी गलतियों से बाज़ आएं और तौबा कर लें। जो कोई भी अपने अपराधों से तौबा करके अल्लाह की ओर लौट आए, अल्लाह उसे माफ करने वाला और रहम करने वाला है।

इसलिए, हमें चाहिए कि हम इस चेतावनी को गंभीरता से लें, अपने जीवन को सुधारें, और उस रास्ते पर चलें जो अल्लाह और उसके रसूल ﷺ ने हमें दिखाया है। यही सफलता और नजात का जरिया है — दुनिया में भी और आखिरत में भी। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफीक दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 16-20 — अल-मुरसलात

16أَلَمْ نُهْلِكِ الْأَوَّلِينَ
क्या हमने अगलों को हलाक नहीं किया
17ثُمَّ نُتْبِعُهُمُ الْآخِرِينَ
फिर उनके पीछे पीछे पिछलों को भी चलता करेंगे
18كَذَٰلِكَ نَفْعَلُ بِالْمُجْرِمِينَ
हम गुनेहगारों के साथ ऐसा ही किया करते हैं
19وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब है
20أَلَمْ نَخْلُقكُّم مِّن مَّاءٍ مَّهِينٍ
क्या हमने तुमको ज़लील पानी (मनी) से पैदा नहीं किया
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अनुवाद — अल-मुरसलात 18

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Tuesday, August 18, 2026

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