Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَدَرٍ (क़दर): निर्धारित समय या अवधि।
- مَعْلُومٍ (मा'लूम): जो अल्लाह के यहाँ ज्ञात और निर्धारित हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी कुदरत और हिकमत की याद दिलाते हुए फ़रमाते हैं कि हमने तुम्हें एक कमज़ोर और हक़ीर पानी (नुत्फ़ा) से पैदा किया। फिर उस नुत्फ़े को एक सुरक्षित ठिकाने (माँ के रहम) में रखा, और उसे एक निर्धारित अवधि तक वहाँ रहने दिया। यह अवधि पूरी तरह अल्लाह के ज्ञान में है — वह जानता है कि हर बच्चे को अपनी माँ के पेट में कितने दिन, कितने महीने रहना है। यह समय न तो पहले आता है और न ही बाद में, बल्कि ठीक उसी वक़्त पर आता है जब अल्लाह ने उसे मुक़र्रर किया होता है।
यह अवधि गर्भावस्था की वह मुद्दत है जो अल्लाह की मर्ज़ी से तय होती है — कभी कम, कभी ज़्यादा, लेकिन हर हाल में वह अल्लाह के इल्म और हिकमत के अनुसार होती है। यह अल्लाह की कुदरत का अज़ीम नमूना है कि वह एक छोटे से क़तरे से इंसान बनाता है, उसे परवान चढ़ाता है, उसके अंग बनाता है, और फिर उसे सही वक़्त पर दुनिया में लाता है।
दावती पहलू:
इस आयत पर ग़ौर करने से इंसान के दिल में अल्लाह की अज़मत और कुदरत का एहसास पैदा होता है। जिसने तुम्हें एक कमज़ोर क़तरे से पैदा किया, जिसने तुम्हारे लिए माँ का रहम मुहफ़िज़ ठिकाना बनाया, और जिसने तुम्हारे पैदा होने का वक़्त ठीक से तय किया — क्या वह तुम्हें दोबारा ज़िंदा नहीं कर सकता? यही सवाल आगे की आयात में आता है, कि क्या अल्लाह जो पहली बार पैदा करने पर क़ादिर है, दोबारा ज़िंदा करने पर क़ादिर नहीं? यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपने रब की नेमतों पर ग़ौर करें, उसकी कुदरत को पहचानें, और उसी की इबादत करें। जिसने हमें इस तरह संवारा और हमारी पैदाइश का हर लम्हा अपने इल्म से तय किया, वही हमारा मालिक और माबूद है। उसी की राह पर चलना ही हमारी कामयाबी है, और उसी के हुक्म को मानना ही हमारी नजात का ज़रिया है।
📜 आयत 20-24 — सूरा अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 22
सूरा अल-मुरसलात आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : एक महफूज़ मक़ाम (रहम) में रखासूरा आयत 22/50 — सूरा अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुरसलात सुनें, सूरा अल-मुरसलात अनुवाद, सूरा अल-मुरसलात mp3, सूरा अल-मुरसलात pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुरसलात
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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