अल-मुरसलात · 23/50
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुरसलात
فَقَدَرْنَا فَنِعْمَ الْقَادِرُونَ ۝٢٣
Faqadarnaa fani`mal qaadiroon
📖 हिंदी अर्थ
फिर (उसका) एक अन्दाज़ा मुक़र्रर किया तो हम कैसा अच्छा अन्दाज़ा मुक़र्रर करने वाले हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَقَدَرْنَا: हमने (अल्लाह ने) अनुमानित किया, ठहराया, या शक्ति से तय किया।
  • فَنِعْمَ الْقَادِرُونَ: तो कितने अच्छे हैं हम, शक्ति रखने वाले (यानी हमारी शक्ति/क़ुदरत कितनी उत्तम है)।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपनी महान शक्ति और क़ुदरत का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है कि हमने ही उस कमज़ोर पानी (नुत्फ़े) से इंसान को पैदा किया, और उसे एक सुरक्षित ठिकाने (रहम) में रखा। फिर हमने ही उसके आकार, रंग-रूप, लंबाई-चौड़ाई, और उसकी पूरी बनावट को निर्धारित किया — कि कौन सा अंग कैसा होगा, कितना बड़ा या छोटा होगा, और उसकी शक्ल कैसी होगी। यह सब कुछ हमारी पूर्ण शक्ति और ज्ञान से तय हुआ।

फिर अल्लाह फ़रमाता है: "तो कितने अच्छे हैं हम, शक्ति रखने वाले!" यानी हमारी क़ुदरत कितनी उत्तम और बेमिसाल है — हम जो चाहते हैं, जिस तरह चाहते हैं, बना सकते हैं। कोई हमें रोक नहीं सकता, कोई हमारे काम में दखल नहीं दे सकता। हमारी ताक़त हर कमज़ोरी से पाक है, और हमारा हर काम हिकमत (समझदारी) पर आधारित है।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है। जिस इंसान को यह यक़ीन हो जाए कि उसे एक कमज़ोर बूंद से अल्लाह ने इतनी खूबसूरत और मुकम्मल बनावट के साथ पैदा किया है, वह कभी अल्लाह की ताक़त पर शक नहीं कर सकता। यही अल्लाह, जिसने हमें पैदा किया, वही हमें दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। तो क्यों न हम अपनी ज़िंदगी को उसी अल्लाह की बताई हुई राह पर चलाएँ? जिसने हमें इतनी मुहब्बत और हिकमत से बनाया है, उसकी इबादत ही हमारी कामयाबी है। यह सोचना कि यह सब अपने आप हो गया, या किसी और की शक्ति से हुआ, बड़ी नादानी है। अल्लाह की क़ुदरत के ये नज़ारे हर इंसान को उसकी तरफ़ खींचते हैं — कि वही सच्चा ख़ालिक़ (रचने वाला) है, और उसी की राह पर चलना ही सबसे बेहतर है।



📜 आयत 21-25 — सूरा अल-मुरसलात

21فَجَعَلْنَاهُ فِي قَرَارٍ مَّكِينٍ
फिर हमने उसको एक मुअय्यन वक्त तक
22إِلَىٰ قَدَرٍ مَّعْلُومٍ
एक महफूज़ मक़ाम (रहम) में रखा
23فَقَدَرْنَا فَنِعْمَ الْقَادِرُونَ
फिर (उसका) एक अन्दाज़ा मुक़र्रर किया तो हम कैसा अच्छा अन्दाज़ा मुक़र्रर करने वाले हैं
24وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उन दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
25أَلَمْ نَجْعَلِ الْأَرْضَ كِفَاتًا
क्या हमने ज़मीन को ज़िन्दों और मुर्दों को समेटने वाली नहीं बनाया
अल-मुरसलातकुरान सूची
50आयत
मक्कीअवतरण स्थान
23आयत

अनुवाद — अल-मुरसलात 23

सूरा अल-मुरसलात आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर (उसका) एक अन्दाज़ा मुक़र्रर किया तो हम कैसा अच्छा…

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Thursday, October 1, 2026

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