अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- क़रार: ठहरने की जगह, स्थिर रहने का स्थान।
- मकीन: मज़बूत, सुरक्षित, हिफ़ाज़त वाला।
तफ़सीर:
ऐ काफ़िरों! क्या तुमने कभी सोचा कि हमने तुम्हें किस चीज़ से पैदा किया? हमने तुम्हें एक कमज़ोर और हक़ीर पानी (नुत्फ़ा) से पैदा किया। फिर उस कमज़ोर बूंद को हमने एक बेहद सुरक्षित और मज़बूत ठिकाने में रखा — और वह है माँ का गर्भ (रहम)। यह वह जगह है जो हर तरह के ख़तरों से उसे बचाती है, जहाँ वह पलता-बढ़ता है और एक मुक़र्रर वक़्त तक महफ़ूज़ रहता है।
यह अल्लाह की कुदरत का अज़ीम नमूना है कि एक बेहद नाज़ुक और कमज़ोर चीज़ को उसने इतने हिफ़ाज़ती मुकाम में रखा, जहाँ न कोई आवाज़ उसे परेशान करती है, न कोई झटका उसे नुक़सान पहुँचाता है, और न ही कोई बाहरी चीज़ उस तक पहुँच सकती है।
फिर हमने उसी पानी से इंसान की शक्ल बनाई, उसे अंग-प्रत्यंग दिए, और एक मुक़र्रर वक़्त पर उसे दुनिया में लाया। हम जो चाहते हैं कर सकते हैं — हम कितने बेहतरीन क़ुदरत वाले हैं!
यह सोचने वाली बात है कि जिस अल्लाह ने इतनी बारीकी और हिकमत से इंसान की पैदाइश का इंतज़ाम किया, क्या वह उसे दोबारा ज़िंदा करके हिसाब लेने पर क़ादिर नहीं? ज़रूर क़ादिर है! तो फिर क़यामत के दिन को झुठलाने वालों को अपने अंजाम से डरना चाहिए और उस रब की तरफ़ लौटना चाहिए जिसने हमें इस खूबसूरत तरीक़े से पैदा किया।
यह आयत हमें अल्लाह की रहमत और कुदरत पर ग़ौर करने की दावत देती है — कि हमारी पैदाइश में ही हमारे रब की महानता की निशानियाँ मौजूद हैं। जो इंसान इन निशानियों पर ग़ौर करे, वह कभी अपने ख़ालिक़ का इन्कार नहीं कर सकता।
📜 आयत 19-23 — अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 21
सूरा अल-मुरसलात आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने उसको एक मुअय्यन वक्त तकसूरा आयत 21/50 — अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुरसलात सुनें, अल-मुरसलात अनुवाद, अल-मुरसलात mp3, अल-मुरसलात pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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