अन-नबा · 10/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नबा
وَجَعَلْنَا اللَّيْلَ لِبَاسًا ۝١٠
Waja`alnal laila libasa
📖 हिंदी अर्थ
और रात को परदा बनाया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • लिबासًا: वस्त्र, ढकने वाला आवरण, परदा।

व्याख्या:

अल्लाह तआला ने रात को इंसानों के लिए एक वस्त्र (लिबास) बनाया है। जिस प्रकार वस्त्र इंसान के शरीर को ढकता है और उसे गर्मी, सर्दी और शर्म से बचाता है, उसी प्रकार रात की घटा (अंधेरा) पूरे संसार को ढक लेती है। यह अंधेरा इंसान के लिए सुकून, चैन और आराम का ज़रिया बनता है। रात के आने से इंसान अपने काम-काज से फारिग होकर आराम करता है, उसकी थकान दूर होती है और वह नई ताकत के साथ अगले दिन के लिए तैयार होता है।

यह अल्लाह की बहुत बड़ी नेमत है कि उसने रात को इस तरह बनाया कि वह इंसान के लिए परदा और ढकने वाला आवरण है। जिस प्रकार वस्त्र इंसान की शर्मगाह को ढकता है, उसी प्रकार रात का अंधेरा इंसान की गतिविधियों को ढक देता है, ताकि इंसान अपने निजी कामों को आराम से अंजाम दे सके। यह अल्लाह की रहमत और कुदरत की निशानी है।

दृष्टिकोण (दावती पहलू):

इस आयत से हमें अल्लाह की कुदरत पर गौर करने की तालीम मिलती है। जिस रात को हम रोज़ देखते हैं, उसमें अल्लाह की कितनी बड़ी मेहरबानी छिपी है! यह हमें सिखाती है कि अल्लाह ने हर चीज़ को हमारी भलाई के लिए बनाया है। रात सिर्फ अंधेरा नहीं, बल्कि हमारे लिए रहमत है। हमें चाहिए कि रात के इस तोहफे की कद्र करें, उसमें आराम करें, और अल्लाह का शुक्र अदा करें। साथ ही, रात के सन्नाटे में अल्लाह से दुआ करना और उसकी इबादत करना बहुत पसंदीदा अमल है, क्योंकि रात का अंधेरा इंसान को अल्लाह के करीब लाता है और दिल को सुकून देता है। यह हमें याद दिलाता है कि जिस तरह रात का अंधेरा हमें ढक लेता है, उसी तरह अल्लाह की रहमत हमारे गुनाहों को ढकने वाली है, बशर्ते हम उसकी ओर रुजू करें और तौबा करें।



📜 आयत 8-12 — सूरा अन-नबा

8وَخَلَقْنَاكُمْ أَزْوَاجًا
और हमने तुम लोगों को जोड़ा जोड़ा पैदा किया
9وَجَعَلْنَا نَوْمَكُمْ سُبَاتًا
और तुम्हारी नींद को आराम (का बाइस) क़रार दिया
10وَجَعَلْنَا اللَّيْلَ لِبَاسًا
और रात को परदा बनाया
11وَجَعَلْنَا النَّهَارَ مَعَاشًا
और हम ही ने दिन को (कसब) मआश (का वक्त) बनाया
12وَبَنَيْنَا فَوْقَكُمْ سَبْعًا شِدَادًا
और तुम्हारे ऊपर सात मज़बूत (आसमान) बनाए
अन-नबाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
10आयत

अनुवाद — अन-नबा 10

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Saturday, October 3, 2026

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