अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- लिबासًا: वस्त्र, ढकने वाला आवरण, परदा।
व्याख्या:
अल्लाह तआला ने रात को इंसानों के लिए एक वस्त्र (लिबास) बनाया है। जिस प्रकार वस्त्र इंसान के शरीर को ढकता है और उसे गर्मी, सर्दी और शर्म से बचाता है, उसी प्रकार रात की घटा (अंधेरा) पूरे संसार को ढक लेती है। यह अंधेरा इंसान के लिए सुकून, चैन और आराम का ज़रिया बनता है। रात के आने से इंसान अपने काम-काज से फारिग होकर आराम करता है, उसकी थकान दूर होती है और वह नई ताकत के साथ अगले दिन के लिए तैयार होता है।
यह अल्लाह की बहुत बड़ी नेमत है कि उसने रात को इस तरह बनाया कि वह इंसान के लिए परदा और ढकने वाला आवरण है। जिस प्रकार वस्त्र इंसान की शर्मगाह को ढकता है, उसी प्रकार रात का अंधेरा इंसान की गतिविधियों को ढक देता है, ताकि इंसान अपने निजी कामों को आराम से अंजाम दे सके। यह अल्लाह की रहमत और कुदरत की निशानी है।
दृष्टिकोण (दावती पहलू):
इस आयत से हमें अल्लाह की कुदरत पर गौर करने की तालीम मिलती है। जिस रात को हम रोज़ देखते हैं, उसमें अल्लाह की कितनी बड़ी मेहरबानी छिपी है! यह हमें सिखाती है कि अल्लाह ने हर चीज़ को हमारी भलाई के लिए बनाया है। रात सिर्फ अंधेरा नहीं, बल्कि हमारे लिए रहमत है। हमें चाहिए कि रात के इस तोहफे की कद्र करें, उसमें आराम करें, और अल्लाह का शुक्र अदा करें। साथ ही, रात के सन्नाटे में अल्लाह से दुआ करना और उसकी इबादत करना बहुत पसंदीदा अमल है, क्योंकि रात का अंधेरा इंसान को अल्लाह के करीब लाता है और दिल को सुकून देता है। यह हमें याद दिलाता है कि जिस तरह रात का अंधेरा हमें ढक लेता है, उसी तरह अल्लाह की रहमत हमारे गुनाहों को ढकने वाली है, बशर्ते हम उसकी ओर रुजू करें और तौबा करें।
📜 आयत 8-12 — अन-नबा
अनुवाद — अन-नबा 10
सूरा अन-नबा आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और रात को परदा बनायासूरा आयत 10/40 — अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नबा सुनें, अन-नबा अनुवाद, अन-नबा mp3, अन-नबा pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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