अन-नबा · 11/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नबा
وَجَعَلْنَا النَّهَارَ مَعَاشًا ۝١١
Waja`alnan nahara ma `aasha
📖 हिंदी अर्थ
और हम ही ने दिन को (कसब) मआश (का वक्त) बनाया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَعَاشًا: रोज़ी कमाने का समय, जीविका का साधन, वह समय जिसमें लोग अपनी आजीविका के लिए प्रयास करते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने रात को आराम और सुकून का समय बनाया, और उसके बाद दिन को रोज़ी कमाने और जीविका की तलाश का समय नियुक्त किया। यह अल्लाह की बड़ी रहमत है कि उसने दिन को रोशन बनाया ताकि लोग उसमें अपने काम-काज कर सकें, व्यापार कर सकें, खेती कर सकें, और अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए दौड़-धूप कर सकें।

यह आयत हमें सिखाती है कि दिन का उपयोग मेहनत और कमाई के लिए करना चाहिए, न कि आलस्य और सुस्ती में गंवाना चाहिए। अल्लाह ने दिन को इसलिए बनाया कि हम उसमें अपनी दुनियावी और दीनी दोनों ज़रूरतों को पूरा करें। जो व्यक्ति दिन में मेहनत करता है, वह अल्लाह के इस इंतज़ाम का शुक्र अदा करता है और अपने परिवार के लिए रोज़ी का सामान करता है।

याद रखिए, रोज़ी कमाने में ही इबादत का पहलू है, बशर्ते नीयत सही हो और कमाई हलाल हो। अल्लाह ने दिन को बरकत वाला समय बनाया है, इसलिए हमें चाहिए कि हम इस नेमत की क़द्र करें और अपने समय का सही उपयोग करें। दिन की रोशनी में हम जो भी काम करते हैं, वह अल्लाह की दी हुई ताक़त से करते हैं, इसलिए हमें उसका शुक्रगुज़ार होना चाहिए और अपनी कमाई में अल्लाह का हक़ (ज़कात, सदक़ा) भी निकालना चाहिए।

यह आयत हमें यह भी बताती है कि इस्लाम दुनिया से भागने का नाम नहीं, बल्कि दुनिया में रहकर अल्लाह की इबादत करने और उसकी दी हुई नेमतों से फ़ायदा उठाने का नाम है। दिन में काम करो, रात में आराम करो, और हर हाल में अल्लाह को याद रखो — यही एक मुसलमान की ज़िंदगी का निज़ाम है।



📜 आयत 9-13 — सूरा अन-नबा

9وَجَعَلْنَا نَوْمَكُمْ سُبَاتًا
और तुम्हारी नींद को आराम (का बाइस) क़रार दिया
10وَجَعَلْنَا اللَّيْلَ لِبَاسًا
और रात को परदा बनाया
11وَجَعَلْنَا النَّهَارَ مَعَاشًا
और हम ही ने दिन को (कसब) मआश (का वक्त) बनाया
12وَبَنَيْنَا فَوْقَكُمْ سَبْعًا شِدَادًا
और तुम्हारे ऊपर सात मज़बूत (आसमान) बनाए
13وَجَعَلْنَا سِرَاجًا وَهَّاجًا
और हम ही ने (सूरज) को रौशन चिराग़ बनाया
अन-नबाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
11आयत

अनुवाद — अन-नबा 11

सूरा अन-नबा आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम ही ने दिन को (कसब) मआश (का वक्त)…

सूरा आयत 11/40 — सूरा अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नबा सुनें, सूरा अन-नबा अनुवाद, सूरा अन-नबा mp3, सूरा अन-नबा pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 3, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए