Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُنفِقُونَ أَمْوَالَهُمْ: अपने धन को खर्च करते हैं।
- لِيَصُدُّوا عَن سَبِيلِ اللهِ: अल्लाह के मार्ग (इस्लाम) से रोकने के लिए।
- حَسْرَةً: पछतावा, अफसोस और निराशा।
- يُغْلَبُونَ: वे पराजित होंगे।
- يُحْشَرُونَ: एकत्र किए जाएँगे।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उन काफिरों के हाल का वर्णन करती है जो अल्लाह की एकता को नकारते हैं और उसके रसूल की अवज्ञा करते हैं। ये लोग अपने धन को इसलिए खर्च करते हैं ताकि लोगों को अल्लाह के मार्ग (इस्लाम) से रोक सकें और मोमिनों को ईमान लाने से बचा सकें। वे सोचते हैं कि अपने धन के बल पर वे सत्य के प्रसार को रोक देंगे और अल्लाह के दीन को बुझा देंगे।
लेकिन अल्लाह ने स्पष्ट कर दिया कि उनका यह प्रयास पूरी तरह नाकाम होगा। वे अपना धन खर्च करेंगे, लेकिन उनका उद्देश्य पूरा नहीं होगा। फिर यही खर्च उनके लिए पछतावे और अफसोस का कारण बनेगा, क्योंकि एक तो उनका धन बर्बाद हो जाएगा, और दूसरे उन्हें अपने मंसूबे में कामयाबी भी नहीं मिलेगी। इसके बाद वे पराजित होंगे—दुनिया में मोमिनों के हाथों हारेंगे, और आख़िरत में उन्हें जहन्नम की ओर हाँक कर ले जाया जाएगा, जहाँ उन्हें हमेशा के लिए यातना दी जाएगी।
यह आयत उस ऐतिहासिक घटना की ओर भी इशारा करती है जब काफिरों ने बद्र के युद्ध में मुसलमानों के खिलाफ भारी धन खर्च किया था, लेकिन अल्लाह ने उन्हें बुरी तरह पराजित किया और उनका धन उनके किसी काम न आया।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह के मार्ग में खर्च किया गया धन कभी बेकार नहीं जाता, जबकि सत्य को रोकने के लिए खर्च किया गया धन अंततः बर्बादी और पछतावे का कारण बनता है।
- यह आयत मोमिनों के लिए साहस और आश्वासन का स्रोत है कि दुश्मन चाहे कितना भी धन और ताकत खर्च कर लें, अल्लाह की मदद से सत्य की ही जीत होगी।
- धन का सही उपयोग वही है जो अल्लाह की राह में हो; गलत रास्ते पर खर्च किया गया धन इंसान के लिए अफसोस और यातना का कारण बनता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि काफिरों की चालें और साजिशें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अल्लाह की योजना उनसे कहीं बेहतर है और अंतिम सफलता मोमिनों के लिए ही है।
- आख़िरत में हर इंसान को अपने कर्मों का हिसाब देना होगा, और जो लोग अल्लाह के मार्ग से रोकने की कोशिश करते हैं, उनका ठिकाना जहन्नम है।
📜 आयत 34-38 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 36
सूरा अल-अनफाल आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें शक़ नहीं कि ये कुफ्फार अपने माल महज़ इस…सूरा आयत 36/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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