अल-इनशिक़ाक · 9/25
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-इनशिक़ाक
وَيَنقَلِبُ إِلَىٰ أَهْلِهِ مَسْرُورًا ۝٩
Wa yanqalibu ilaaa ahlihee masrooraa
📖 हिंदी अर्थ
और (फिर) वह अपने (मोमिनीन के) क़बीले की तरफ ख़ुश ख़ुश पलटेगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَنقَلِبُ: लौटेगा, वापस जाएगा।
  • إِلَى أَهْلِهِ: अपने परिवार वालों की ओर (यहाँ अर्थ जन्नत में उसके लिए तैयार किए गए घर और वहाँ के साथियों से है)।
  • مَسْرُورًا: खुश और प्रसन्न होकर, आनंदित अवस्था में।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस सफल व्यक्ति की स्थिति का वर्णन कर रही है जिसे उसका आमाल (कर्मों) का रिकॉर्ड उसके दाहिने हाथ में दिया जाएगा। ऐसा व्यक्ति जो अपने रब पर ईमान रखता था और नेक कर्म करता था, उसका हिसाब बहुत आसानी से लिया जाएगा। उसके बाद वह अपने परिवार और अपनों की ओर लौटेगा—यानी जन्नत में उसके लिए तैयार किए गए घर और वहाँ के साथियों की ओर—और वह इस हालत में लौटेगा कि उसका चेहरा खुशी से चमक रहा होगा, उसका दिल शांत और प्रसन्न होगा। यह खुशी उसे इसलिए होगी क्योंकि उसने अपने रब की रहमत और उसके इनाम को अपने सामने देख लिया होगा, और उसे यकीन हो जाएगा कि उसकी सारी मेहनत और ईमानदारी रंग लाई।

यह वही खुशी है जिसका वादा अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया है—एक ऐसी खुशी जो किसी भी दुनियावी खुशी से कहीं बढ़कर है। जब एक मोमिन को उसके रब की तरफ से यह सम्मान मिलेगा, तो वह सारी दुनिया की परेशानियों और मुश्किलों को भूल जाएगा। याद रखिए, यह खुशी उन्हीं को मिलेगी जो इस दुनिया में अल्लाह की इबादत करते रहे, उसके हुक्मों का पालन करते रहे और उसकी रहमत के उम्मीदवार रहे। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है कि अगर हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के बताए रास्ते पर चलाएँ, तो हमारा अंजाम भी यही होगा—एक ऐसी खुशी जो कभी खत्म नहीं होगी, और एक ऐसा सुख जो हमेशा हमारे साथ रहेगा। आइए, हम अपने अमल को सुधारें और उस दिन की तैयारी करें जब हमें अपने रब के सामने खड़ा होना है, ताकि हम भी उन लोगों में शामिल हों जो अपने परिवार की ओर खुश और प्रसन्न लौटेंगे।



📜 आयत 7-11 — सूरा अल-इनशिक़ाक

7فَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ بِيَمِينِهِ
तो तू (एक न एक दिन) उसके सामने हाज़िर होगा फिर (उस दिन) जिसका नामाए आमाल उसके दाहिने हाथ में दिया जाएगा
8فَسَوْفَ يُحَاسَبُ حِسَابًا يَسِيرًا
उससे तो हिसाब आसान तरीके से लिया जाएगा
9وَيَنقَلِبُ إِلَىٰ أَهْلِهِ مَسْرُورًا
और (फिर) वह अपने (मोमिनीन के) क़बीले की तरफ ख़ुश ख़ुश पलटेगा
10وَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ وَرَاءَ ظَهْرِهِ
लेकिन जिस शख़्श को उसका नामए आमल उसकी पीठ के पीछे से दिया जाएगा
11فَسَوْفَ يَدْعُو ثُبُورًا
वह तो मौत की दुआ करेगा
अल-इनशिक़ाककुरान सूची
25आयत
मक्कीअवतरण स्थान
9आयत

अनुवाद — अल-इनशिक़ाक 9

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Tuesday, September 29, 2026

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