सूरा अल-इनशिक़ाक अरबी और हिंदी

सूरा अल-इनशिक़ाक को पूरे हिंदी अनुवाद, उच्चारण और ऑडियो तिलावत के साथ पढ़ें। आयत-दर-आयत हिंदी अर्थ। (25 आयत — مكية). अल-इनशिक़ाक सुनें, अल-इनशिक़ाक अनुवाद, अल-इनशिक़ाक mp3, अल-इनशिक़ाक pdf.

सूरा अल-इनशिक़ाक पढ़ें और सुनें

🎧 आयत
M Mishary Rashid Alafasy
M Mahmoud Khalil Al-Husary
A Abdurrahman As-Sudais
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi
A Abdul Basit Abdul Samad
A Ali Al-Hudhaify
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy
A Abu Bakr Ash-Shaatree
M Muhammad Ayyoub
A Abdullah Basfar
A Abdullah Al-Juhani
M Maher Al Muaiqly
x1
إِذَا السَّمَاءُ انشَقَّتْ ۝١
📖 अनुवाद आयत 1
जब आसमान फट जाएगा
وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ ۝٢
📖 अनुवाद आयत 2
और अपने परवरदिगार का हुक्म बजा लाएगा और उसे वाजिब भी यही है
وَإِذَا الْأَرْضُ مُدَّتْ ۝٣
📖 अनुवाद आयत 3
और जब ज़मीन (बराबर करके) तान दी जाएगी
وَأَلْقَتْ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتْ ۝٤
📖 अनुवाद आयत 4
और जो कुछ उसमें है उगल देगी और बिल्कुल ख़ाली हो जाएगी
وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ ۝٥
📖 अनुवाद आयत 5
और अपने परवरदिगार का हुक्म बजा लाएगी
يَا أَيُّهَا الْإِنسَانُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدْحًا فَمُلَاقِيهِ ۝٦
📖 अनुवाद आयत 6
और उस पर लाज़िम भी यही है (तो क़यामत आ जाएगी) ऐ इन्सान तू अपने परवरदिगार की हुज़ूरी की कोशिश करता है
فَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ بِيَمِينِهِ ۝٧
📖 अनुवाद आयत 7
तो तू (एक न एक दिन) उसके सामने हाज़िर होगा फिर (उस दिन) जिसका नामाए आमाल उसके दाहिने हाथ में दिया जाएगा
فَسَوْفَ يُحَاسَبُ حِسَابًا يَسِيرًا ۝٨
📖 अनुवाद आयत 8
उससे तो हिसाब आसान तरीके से लिया जाएगा
وَيَنقَلِبُ إِلَىٰ أَهْلِهِ مَسْرُورًا ۝٩
📖 अनुवाद आयत 9
और (फिर) वह अपने (मोमिनीन के) क़बीले की तरफ ख़ुश ख़ुश पलटेगा
وَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ وَرَاءَ ظَهْرِهِ ۝١٠
📖 अनुवाद आयत 10
लेकिन जिस शख़्श को उसका नामए आमल उसकी पीठ के पीछे से दिया जाएगा
فَسَوْفَ يَدْعُو ثُبُورًا ۝١١
📖 अनुवाद आयत 11
वह तो मौत की दुआ करेगा
وَيَصْلَىٰ سَعِيرًا ۝١٢
📖 अनुवाद आयत 12
और जहन्नुम वासिल होगा
إِنَّهُ كَانَ فِي أَهْلِهِ مَسْرُورًا ۝١٣
📖 अनुवाद आयत 13
ये शख़्श तो अपने लड़के बालों में मस्त रहता था
إِنَّهُ ظَنَّ أَن لَّن يَحُورَ ۝١٤
📖 अनुवाद आयत 14
और समझता था कि कभी (ख़ुदा की तरफ) फिर कर जाएगा ही नहीं
بَلَىٰ إِنَّ رَبَّهُ كَانَ بِهِ بَصِيرًا ۝١٥
📖 अनुवाद आयत 15
हाँ उसका परवरदिगार यक़ीनी उसको देख भाल कर रहा है
فَلَا أُقْسِمُ بِالشَّفَقِ ۝١٦
📖 अनुवाद आयत 16
तो मुझे शाम की मुर्ख़ी की क़सम
وَاللَّيْلِ وَمَا وَسَقَ ۝١٧
📖 अनुवाद आयत 17
और रात की और उन चीज़ों की जिन्हें ये ढाँक लेती है
وَالْقَمَرِ إِذَا اتَّسَقَ ۝١٨
📖 अनुवाद आयत 18
और चाँद की जब पूरा हो जाए
لَتَرْكَبُنَّ طَبَقًا عَن طَبَقٍ ۝١٩
📖 अनुवाद आयत 19
कि तुम लोग ज़रूर एक सख्ती के बाद दूसरी सख्ती में फँसोगे
فَمَا لَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ ۝٢٠
📖 अनुवाद आयत 20
तो उन लोगों को क्या हो गया है कि ईमान नहीं ईमान नहीं लाते
وَإِذَا قُرِئَ عَلَيْهِمُ الْقُرْآنُ لَا يَسْجُدُونَ ۩ ۝٢١
📖 अनुवाद आयत 21
और जब उनके सामने क़ुरान पढ़ा जाता है तो (ख़ुदा का) सजदा नहीं करते (21) (सजदा)
بَلِ الَّذِينَ كَفَرُوا يُكَذِّبُونَ ۝٢٢
📖 अनुवाद आयत 22
बल्कि काफ़िर लोग तो (और उसे) झुठलाते हैं
وَاللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا يُوعُونَ ۝٢٣
📖 अनुवाद आयत 23
और जो बातें ये लोग अपने दिलों में छिपाते हैं ख़ुदा उसे ख़ूब जानता है
فَبَشِّرْهُم بِعَذَابٍ أَلِيمٍ ۝٢٤
📖 अनुवाद आयत 24
तो (ऐ रसूल) उन्हें दर्दनाक अज़ाब की ख़ुशख़बरी दे दो
إِلَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ ۝٢٥
📖 अनुवाद आयत 25
मगर जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे अच्छे काम किए उनके लिए बेइन्तिहा अज्र (व सवाब है)
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84الإنشقاق Al-Inshiqaq 📚 25 आयत مكية

आयत-दर-आयत – सूरा अल-इनशिक़ाक — 25 आयत




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

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