अल-इनशिक़ाक · 10/25
अनुवाद उच्चारण — अल-इनशिक़ाक
وَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ وَرَاءَ ظَهْرِهِ ۝١٠
Wa ammaa man ootiya kitaabahoo waraaa`a zahrih
📖 हिंदी अर्थ
लेकिन जिस शख़्श को उसका नामए आमल उसकी पीठ के पीछे से दिया जाएगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أُوتِيَ كِتَابَهُ: जिसे उसका (आमाल का) नामा-ए-आमाल दिया गया।
  • وَرَاءَ ظَهْرِهِ: उसकी पीठ के पीछे से (यानी बाएँ हाथ में, जो पीठ के पीछे से दिया जाएगा)।

तफ़सीर (व्याख्या):

जिस व्यक्ति को उसका आमाल का नामा-ए-आमाल उसकी पीठ के पीछे से दिया जाएगा—और यह उस काफ़िर का हाल होगा जिसने अपने रब की आयतों और उसके दीन को झुटलाया—तो वह उस वक़्त अपनी तबाही और हलाकत को पुकारेगा, और आग में जलने के लिए दाख़िल होगा। यह वही शख्स है जो दुनिया में अपने अहल-ओ-अयाल के साथ खुश और मगरूर रहता था, और उसे यह ख्याल तक नहीं था कि उसे एक दिन मरकर अपने रब के सामने हाज़िर होना है। उसने यह गुमान किया कि वह कभी दोबारा ज़िंदा नहीं होगा और न ही उसका हिसाब होगा। हरगिज़ नहीं! उसका रब उसे ज़रूर दोबारा ज़िंदा करेगा, जैसा उसने पहली बार पैदा किया था, और उसके हर नेक-बद आमाल का पूरा-पूरा बदला देगा। बेशक उसका रब उसे हर हाल में देखता और जानता है—उसके पैदा होने के दिन से लेकर उसके दोबारा उठाए जाने तक।

दावती पहलू (नसीहत):

यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा आमाल-नामा किस तरह हमें दिया जाएगा। क्या हम उन लोगों में से होंगे जिन्हें उनका नामा दाहिने हाथ में दिया जाएगा और वे खुशी से अपने आमाल देखेंगे, या उन लोगों में से जिन्हें पीठ के पीछे से बाएँ हाथ में दिया जाएगा और वे हलाकत को पुकारेंगे? यह वक़्त आने से पहले ही हमें अपनी ज़िंदगी को सँवार लेना चाहिए। अल्लाह तआला ने हमें मोहलत दी है, तौबा का दरवाज़ा खुला है, और रहमत का समुंदर मौजूद है। आओ, हम अपने रब की तरफ पलटें, उसकी आयतों पर ईमान लाएँ, और अपने आमाल को ऐसा बनाएँ कि क़यामत के दिन हमारा नामा हमारे दाहिने हाथ में हो, और हम जन्नत की तरफ बढ़ें। यही कामयाबी है, और यही हमारे रब की सबसे बड़ी मेहरबानी।



📜 आयत 8-12 — अल-इनशिक़ाक

8فَسَوْفَ يُحَاسَبُ حِسَابًا يَسِيرًا
उससे तो हिसाब आसान तरीके से लिया जाएगा
9وَيَنقَلِبُ إِلَىٰ أَهْلِهِ مَسْرُورًا
और (फिर) वह अपने (मोमिनीन के) क़बीले की तरफ ख़ुश ख़ुश पलटेगा
10وَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ وَرَاءَ ظَهْرِهِ
लेकिन जिस शख़्श को उसका नामए आमल उसकी पीठ के पीछे से दिया जाएगा
11فَسَوْفَ يَدْعُو ثُبُورًا
वह तो मौत की दुआ करेगा
12وَيَصْلَىٰ سَعِيرًا
और जहन्नुम वासिल होगा
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अनुवाद — अल-इनशिक़ाक 10

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Tuesday, August 18, 2026

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