अत-तारिक़ · 4/17
अनुवाद उच्चारण — अत-तारिक़
إِن كُلُّ نَفْسٍ لَّمَّا عَلَيْهَا حَافِظٌ ۝٤
In kullu nafsil lammaa `alaihaa haafiz
📖 हिंदी अर्थ
(इस बात की क़सम) कि कोई शख़्श ऐसा नहीं जिस पर निगेहबान मुक़र्रर नहीं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • حَافِظٌ: रक्षक, निगरानी करने वाला फ़रिश्ता।
  • لَمَّا: यहाँ "إِلَّا" के अर्थ में है, अर्थात "अवश्य ही" या "निश्चित रूप से"।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने इस आयत में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सत्य को बयान किया है कि इस ब्रह्मांड में कोई भी प्राणी बेखबर या आज़ाद नहीं है। हर आत्मा पर अल्लाह की ओर से नियुक्त एक रक्षक फ़रिश्ता तैनात है, जो उसके हर अच्छे और बुरे कर्म को दर्ज कर रहा है। यह फ़रिश्ता हर पल, हर लम्हा इंसान के साथ रहता है और उसकी सभी गतिविधियों को लिखता है।

यह बात इंसान के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है और एक बड़ी खुशखबरी भी। चेतावनी इसलिए कि हमारा हर काम, हर बात, हर विचार किसी न किसी के सामने है, और हमें इसका हिसाब देना होगा। खुशखबरी इसलिए कि हमारे अच्छे कर्म भी व्यर्थ नहीं जाते, बल्कि उन्हें संरक्षित किया जा रहा है, और क़यामत के दिन हमें उनका पूरा बदला मिलेगा।

यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि इंसान को अपने अंदर यह एहसास पैदा करना चाहिए कि वह हर समय अल्लाह की निगरानी में है। जब यह एहसास दिल में गहरा हो जाए, तो इंसान गुनाहों से दूर रहता है और नेक कामों की ओर बढ़ता है। यही वह चीज़ है जो इंसान को अल्लाह का करीबी बनाती है और उसे जीवन की असली सफलता दिलाती है।

इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि अल्लाह का न्याय पूर्ण है। जिस तरह हर कर्म को दर्ज किया जा रहा है, उसी तरह क़यामत के दिन हर व्यक्ति को उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा। कोई भी अच्छा काम छोटा नहीं है, और कोई भी बुरा काम छिपा नहीं रहेगा। यही वह दिन होगा जब हर इंसान अपने किए हुए कर्मों को सामने पाएगा, और अल्लाह की रहमत से नेक लोग जन्नत में दाखिल होंगे और बुरे लोग अपने अंजाम को पाएंगे।

इसलिए, प्यारे भाईयों और बहनों! हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को इस एहसास के साथ जिएं कि हम पर अल्लाह की निगरानी है। हर काम में ईमानदारी, हर रिश्ते में सच्चाई और हर हाल में अल्लाह की इबादत को अपनाएं। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया में भी सुकून देगा और आख़िरत में भी कामयाबी दिलाएगा। अल्लाह हम सबको इस तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 2-6 — अत-तारिक़

2وَمَا أَدْرَاكَ مَا الطَّارِقُ
और तुमको क्या मालूम रात को आने वाला क्या है
3النَّجْمُ الثَّاقِبُ
(वह) चमकता हुआ तारा है
4إِن كُلُّ نَفْسٍ لَّمَّا عَلَيْهَا حَافِظٌ
(इस बात की क़सम) कि कोई शख़्श ऐसा नहीं जिस पर निगेहबान मुक़र्रर नहीं
5فَلْيَنظُرِ الْإِنسَانُ مِمَّ خُلِقَ
तो इन्सान को देखना चाहिए कि वह किस चीज़ से पैदा हुआ हैं
6خُلِقَ مِن مَّاءٍ دَافِقٍ
वह उछलते हुए पानी (मनी) से पैदा हुआ है
अत-तारिक़कुरान सूची
17आयत
मक्कीRevelation
4आयत

अनुवाद — अत-तारिक़ 4

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Tuesday, August 18, 2026

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