अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلْيَنظُرِ – उसे देखना चाहिए, सोचना-विचारना चाहिए (ध्यान से ग़ौर करना)।
- الْإِنسَانُ – इंसान (यहाँ वह इंसान जो पुनर्जीवन का इन्कार करता है)।
- مِمَّ – किस चीज़ से (मिन + मा का संक्षिप्त रूप)।
- خُلِقَ – पैदा किया गया।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इंसान को ख़िताब करके कहता है कि इंसान को एक बार ग़ौर करना चाहिए और सोचना चाहिए कि आख़िर वह किस चीज़ से पैदा किया गया है। यह नज़र सिर्फ़ आँखों की नहीं, बल्कि दिल और अक़्ल की नज़र है — यानी वह अपनी पैदाइश के आग़ाज़ पर ग़ौर करे। जब इंसान यह समझ लेगा कि उसकी शुरुआत कितनी कमज़ोर और हक़ीर चीज़ से हुई है, तो उस पर यह बात साफ़ हो जाएगी कि अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) कितनी बड़ी है।
इंसान को चाहिए कि वह अपनी पैदाइश के मरहले पर विचार करे — वह एक बूँद (नुत्फ़ा) से पैदा हुआ, जो बड़ी तेज़ी से रहम (गर्भाशय) में पहुँचती है। यह पानी की एक बूँद है जो मर्द की पीठ (पुट्ठों) और औरत के सीने के बीच से निकलती है। यह कितनी कमज़ोर और मामूली चीज़ है! फिर अल्लाह ने उसी बूँद से इंसान को बनाया, उसे शक्ल दी, उसे ज़िंदगी दी, और उसे इतनी ताक़त और समझ अता की।
जब इंसान अपनी इस कमज़ोर शुरुआत पर ग़ौर करेगा, तो उसे यक़ीन हो जाएगा कि जिस अल्लाह ने उसे पहली बार पैदा किया, वह उसे दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर (सक्षम) है। मौत के बाद दोबारा उठाना उस अल्लाह के लिए कोई मुश्किल काम नहीं है, जिसने पहली बार कुछ भी न होने से उसे पैदा किया। जो ख़ालिक़ (रचने वाला) इंसान को एक बूँद से बना सकता है, वह उसे दोबारा ज़िंदा करने से क्यों आजिज़ होगा?
यह आयत इंसान को दावत देती है कि वह अपनी पैदाइश पर ग़ौर करे, क्योंकि इस ग़ौर में उसके लिए बड़ी नसीहत और सबक़ है। जब इंसान अपनी कमज़ोरी और अल्लाह की क़ुदरत को देख लेगा, तो उसका दिल झुकेगा, उसका ईमान मज़बूत होगा, और वह यक़ीन करेगा कि मरने के बाद ज़िंदा होना हक़ है। यह ग़ौर इंसान को अल्लाह के सामने नम्र और आज्ञाकारी बनाता है, और उसे अपने रब की बड़ाई और तारीफ़ करने पर मजबूर करता है।
प्यारे इंसान! ज़रा सोच — तू इतनी कमज़ोर चीज़ से बना है, फिर भी तू अपने रब के सामने सरकशी करता है? जो अल्लाह तुझे पैदा कर सकता है, वह तुझे दोबारा ज़िंदा करके हिसाब लेने में क्या असमर्थ होगा? अपनी पैदाइश पर ग़ौर कर, अपने रब की क़ुदरत को पहचान, और उसकी राह पर चल — यही तेरी कामयाबी है।
📜 आयत 3-7 — अत-तारिक़
अनुवाद — अत-तारिक़ 5
सूरा अत-तारिक़ आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो इन्सान को देखना चाहिए कि वह किस चीज़ से…सूरा आयत 5/17 — अत-तारिक़ الطارق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तारिक़ सुनें, अत-तारिक़ अनुवाद, अत-तारिक़ mp3, अत-तारिक़ pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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