अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- النَّجْمُ: तारा, सितारा।
- الثَّاقِبُ: चमकता हुआ, रोशनी से भरा हुआ, जो अंधेरे को चीरकर अपनी रोशनी फैलाए।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने आसमान की क़सम खाई है और उस तारे की जो रात को निकलता है और अपनी रोशनी से अंधेरे को चीरता है। यह वह चमकता हुआ तारा है जो अपनी तेज़ रोशनी से आसमान के अंधेरे को भेदता है और पूरी दुनिया में अपनी चमक फैलाता है। यह तारा इतना रोशन है कि इसकी चमक अंधेरी रात में भी साफ़ दिखाई देती है। अल्लाह ने इस तारे की क़सम खाकर यह बताना चाहा कि हर इंसान पर एक निगरान रखने वाला फ़रिश्ता मुक़र्रर है जो उसके हर अच्छे और बुरे काम को लिखता है, ताकि क़यामत के दिन हर इंसान को उसके अमल का हिसाब दिया जा सके। यह बात हमें याद दिलाती है कि हमारा हर काम अल्लाह की नज़र में है और हम अकेले नहीं हैं, बल्कि हमारे साथ फ़रिश्ते हैं जो हमारे आमाल दर्ज कर रहे हैं। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपने कामों में सावधानी बरतें और अच्छे काम करें, क्योंकि हमारा हर काम लिखा जा रहा है और एक दिन हमें उसका सामना करना है। यह तारा जिस तरह अंधेरे को चीरकर रोशनी फैलाता है, उसी तरह ईमान वालों का जीवन भी अच्छे आमाल की रोशनी से रोशन होता है और उनके दिलों में अल्लाह की याद से सुकून होता है। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को इस तरह बनाएं कि हमारे अच्छे काम हमारे लिए रोशनी बनें और क़यामत के दिन हमें शर्मिंदा न होना पड़े।
📜 आयत 1-5 — अत-तारिक़
अनुवाद — अत-तारिक़ 3
सूरा अत-तारिक़ आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (वह) चमकता हुआ तारा हैसूरा आयत 3/17 — अत-तारिक़ الطارق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तारिक़ सुनें, अत-तारिक़ अनुवाद, अत-तारिक़ mp3, अत-तारिक़ pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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