अल-फज्र · 6/30
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-फज्र
أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِعَادٍ ۝٦
Alam tara kaifa fa`ala rabbuka bi`aad
📖 हिंदी अर्थ
क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे आद के साथ क्या किया

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अलम तरा: क्या तुमने नहीं देखा / क्या तुम्हें मालूम नहीं?
  • कैफ़: किस प्रकार
  • फ़अला: किया
  • रब्बुका: तुम्हारा पालनहार
  • बिआदिन: आद की क़ौम के साथ

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे पालनहार ने आद की क़ौम के साथ कैसा व्यवहार किया? यह वही क़ौम है जो हज़रत हूद अलैहिस्सलाम की उम्मत थी, और उन्हें झुठलाने के कारण अल्लाह के अज़ाब का शिकार हुई।

यह आयत मक्का के काफ़िरों को चेतावनी दे रही है कि अल्लाह की शक्ति और उसके अज़ाब से बचने की कोई ताक़त नहीं। आद की क़ौम अपने ज़माने में बहुत ताक़तवर और शक्तिशाली थी, उनके शरीर बड़े और मज़बूत थे, और उन्होंने ऊँची-ऊँची इमारतें और महल बनाए थे जो खंभों पर टिके हुए थे। उनकी ताक़त और शान-ओ-शौकत का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उन जैसी ताक़त और क़ुव्वत किसी और क़ौम को नहीं दी गई थी।

लेकिन जब उन्होंने अल्लाह के रसूल हज़रत हूद अलैहिस्सलाम को झुठलाया और हक़ से मुँह मोड़ा, तो अल्लाह ने उन्हें ऐसे अज़ाब में पकड़ा जिसका उन्होंने कभी ख़याल भी नहीं किया था। यह उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक़ है जो अल्लाह की नेअमतों पर इतराते हैं और उसके हुक्म को मानने से इनकार करते हैं।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह क़िस्सा हमारे लिए भी एक नसीहत है। अल्लाह तआला ने हमें जो ताक़त, माल, और सुविधाएँ दी हैं, वह हमारे लिए अज़ाब का ज़रिया न बन जाएँ। हमें चाहिए कि इन नेअमतों का शुक्र अदा करें, अल्लाह की इबादत करें, और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलें। याद रखें, अल्लाह की पकड़ बहुत सख़्त है, और उसके अज़ाब से कोई नहीं बच सकता। लेकिन जो लोग उसकी रहमत की तरफ़ लौट आएँ, उनके लिए उसकी रहमत भी बहुत वसीअ है। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्मों के मुताबिक़ ढालें, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।



📜 आयत 4-8 — सूरा अल-फज्र

4وَاللَّيْلِ إِذَا يَسْرِ
और रात की जब आने लगे
5هَلْ فِي ذَٰلِكَ قَسَمٌ لِّذِي حِجْرٍ
अक्लमन्द के वास्ते तो ज़रूर बड़ी क़सम है (कि कुफ्फ़ार पर ज़रूर अज़ाब होगा)
6أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِعَادٍ
क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे आद के साथ क्या किया
7إِرَمَ ذَاتِ الْعِمَادِ
यानि इरम वाले दराज़ क़द
8الَّتِي لَمْ يُخْلَقْ مِثْلُهَا فِي الْبِلَادِ
जिनका मिसल तमाम (दुनिया के) शहरों में कोई पैदा ही नहीं किया गया
अल-फज्रकुरान सूची
30आयत
मक्कीअवतरण स्थान
6आयत

अनुवाद — अल-फज्र 6

सूरा अल-फज्र आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे आद के साथ क्या…

सूरा आयत 6/30 — सूरा अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फज्र सुनें, सूरा अल-फज्र अनुवाद, सूरा अल-फज्र mp3, सूरा अल-फज्र pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.





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Wednesday, September 30, 2026

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