Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَسَمٌ (क़सम): शपथ, सौगंध।
- لِذِي حِجْرٍ (लिज़ी हिज्र): उस व्यक्ति के लिए जिसके पास अक़्ल और समझ हो। 'हिज्र' का अर्थ अक़्ल, समझ और विवेक है, क्योंकि अक़्ल इंसान को गलत कामों से रोकती है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस सूरह की शुरुआत में कई महान चीज़ों की क़सम खाई है — फ़ज्र (सुबह) के वक़्त की, दस रातों (ज़ुल-हिज्जा के पहले दस दिन) की, शफ़ (जोड़) और वतर (तन्हा/विषम) की, और रात की जब वह चलने लगे। इन क़समों के बाद अल्लाह फ़रमाता है: "क्या इन क़समों में अक़्लमंद इंसान के लिए कोई सबक़ और संतुष्टि नहीं है?"
यानी, जिस व्यक्ति के पास सही अक़्ल और समझ है, उसके लिए इन क़समों में बड़ी निशानियाँ और सबक़ हैं। ये क़समें अल्लाह की अज़मत, उसकी क़ुदरत और उसके इल्म की गवाही देती हैं। जो इंसान इन चीज़ों पर ग़ौर करेगा, वह समझ जाएगा कि अल्लाह ने जो कुछ भी बनाया है, वह बेकार नहीं है, और उसका हर काम हिकमत (बुद्धिमत्ता) पर आधारित है।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने जो क़समें खाई हैं, वे सिर्फ़ ज़ोर देने के लिए नहीं हैं, बल्कि उनमें गहरी हिकमतें छिपी हैं। जो शख्स इन पर ग़ौर करता है, उसका ईमान मज़बूत होता है और वह अल्लाह की नाराज़गी से डरता है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने की दावत देती है। अल्लाह ने अपनी क़समों में जिन चीज़ों का ज़िक्र किया है — सुबह का वक़्त, दस रातें, जोड़ और तन्हा चीज़ें, और रात का गुज़रना — ये सब हमारे चारों ओर मौजूद हैं। अगर हम इन पर ग़ौर करें, तो हमें अल्लाह की अज़मत और उसकी तौहीद (एकता) के नज़ारे दिखाई देंगे। यही अक़्ल का तक़ाज़ा है कि इंसान इन निशानियों से सबक़ ले और अपने रब की इबादत की तरफ़ रुजू करे। अल्लाह ने हमें अक़्ल दी है ताकि हम उसकी निशानियों को समझें और उसके हुक्मों पर अमल करें। जो शख्स इन निशानियों से आँखें बंद कर लेता है, वह अपनी अक़्ल का सही इस्तेमाल नहीं करता। आइए, हम इन क़समों पर ग़ौर करें और अपने ईमान को ताज़ा करें, क्योंकि यही कामयाबी की राह है।
📜 आयत 3-7 — सूरा अल-फज्र
अनुवाद — अल-फज्र 5
सूरा अल-फज्र आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अक्लमन्द के वास्ते तो ज़रूर बड़ी क़सम है (कि कुफ्फ़ार…सूरा आयत 5/30 — सूरा अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फज्र सुनें, सूरा अल-फज्र अनुवाद, सूरा अल-फज्र mp3, सूरा अल-फज्र pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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