अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- إِرَمَ (इरम): आद की उस क़ौम का पूर्वज, जो 'आद' के नाम से प्रसिद्ध थी। कुछ मुफ़स्सिरीन के अनुसार यह उनके बुज़ुर्ग का नाम था।
- ذَاتِ الْعِمَادِ (ज़ातिल 'इमाद): ऊँचे-ऊँचे खंभों वाली, यानी मज़बूत और ऊँची इमारतों वाली।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी ﷺ को ख़िताब करके फ़रमाता है: क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे रब ने 'आद' की क़ौम के साथ कैसा सलूक किया? यह वही क़ौम थी जो 'इरम' की नस्ल से ताल्लुक़ रखती थी और अपनी बुलंद इमारतों और ऊँचे खंभों के लिए मशहूर थी। उन्होंने दुनिया में ऐसी शानदार और मज़बूत इमारतें बनाई थीं जो उनकी ताक़त और सरकशी की निशानी थीं। वे जिस्म में भी बहुत क़द्दावर और ताक़तवर थे, और उनकी क़ौम का कोई हमसर नहीं था।
यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत और उसके इंसाफ़ की याद दिलाती है। जिन लोगों ने अपनी ताक़त और ऐशो-आराम पर इतरा कर अल्लाह की नाफ़रमानी की, उनका अंजाम क्या हुआ? उनकी ऊँची इमारतें, उनकी ताक़त और उनकी शानो-शौकत — सब कुछ तबाह हो गया। यह हर उस इंसान के लिए एक बड़ी सबक़ है जो दुनिया की चमक-दमक पर घमंड करता है और यह भूल जाता है कि असली ताक़त और बुलंदी तो सिर्फ़ अल्लाह के पास है।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपनी ताक़त, माल और तरक़्क़ी पर घमंड नहीं करना चाहिए, बल्कि इन नेअमतों के शुक्र में अल्लाह की इबादत करनी चाहिए और उसके हुक्मों का पालन करना चाहिए। अल्लाह रहम करने वाला है, लेकिन वह इंसाफ़ करने वाला भी है — जो लोग उसकी नाफ़रमानी में हद से गुज़र जाते हैं, उनके लिए अल्लाह का अज़ाब बहुत सख्त होता है।
📜 आयत 5-9 — अल-फज्र
अनुवाद — अल-फज्र 7
सूरा अल-फज्र आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यानि इरम वाले दराज़ क़दसूरा आयत 7/30 — अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फज्र सुनें, अल-फज्र अनुवाद, अल-फज्र mp3, अल-फज्र pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








