अल-बलद · 7/20
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-बलद
أَيَحْسَبُ أَن لَّمْ يَرَهُ أَحَدٌ ۝٧
Ayahsabu al lam yarahooo ahad
📖 हिंदी अर्थ
क्या वह ये ख्याल रखता है कि उसको किसी ने देखा ही नहीं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أَيَحْسَبُ – क्या वह समझता है?
  • أَن لَّمْ يَرَهُ أَحَدٌ – कि उसे किसी ने नहीं देखा।

व्याख्या:

यह आयत उस व्यक्ति के बारे में है जो अपने धन पर इतराता है और घमंड से कहता है कि "मैंने बहुत धन खर्च किया।" अल्लाह तआला इस पर सवाल उठाते हुए फ़रमाता है: क्या वह यह समझता है कि उसे किसी ने नहीं देखा? क्या उसे यह ख़याल है कि अल्लाह उसके कर्मों को नहीं देख रहा और न ही उसके छोटे-बड़े हर काम का हिसाब लेगा?

यह व्यक्ति भूल जाता है कि अल्लाह तआला हर चीज़ को देखता और जानता है। वह न केवल उसके बाहरी कर्मों को देखता है बल्कि उसके दिल के राज़ और नीयत को भी जानता है। यह आयत उसे चेतावनी देती है कि उसका धन कहाँ से आया और कहाँ खर्च हुआ, इसका पूरा हिसाब अल्लाह के सामने होगा।

दीनी पैग़ाम:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हमारी ज़िंदगी का हर पल, हर काम, हर खर्च अल्लाह की निगरानी में है। जिस तरह हम दुनिया के बड़े अधिकारियों से शर्म करते हैं और उनके सामने ग़लत काम नहीं करते, क्या हमें उस अल्लाह से नहीं डरना चाहिए जो हमें हर वक़्त देख रहा है?

याद रखिए! अल्लाह की निगरानी का एहसास ही हमें नेकी की तरफ़ ले जाता है और गुनाह से रोकता है। जब हम यह समझ लेंगे कि हमारा हर काम देखा जा रहा है और हर चीज़ का हिसाब होगा, तो हम अपने खर्च, अपने काम और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाने की कोशिश करेंगे। यही सच्ची कामयाबी है – कि हम उस ज़ात से न डरें जो हमें देख रही है, बल्कि उससे डरें जो हमारे अंदर की बात भी जानता है।



📜 आयत 5-9 — सूरा अल-बलद

5أَيَحْسَبُ أَن لَّن يَقْدِرَ عَلَيْهِ أَحَدٌ
क्या वह ये समझता है कि उस पर कोई काबू न पा सकेगा
6يَقُولُ أَهْلَكْتُ مَالًا لُّبَدًا
वह कहता है कि मैने अलग़ारों माल उड़ा दिया
7أَيَحْسَبُ أَن لَّمْ يَرَهُ أَحَدٌ
क्या वह ये ख्याल रखता है कि उसको किसी ने देखा ही नहीं
8أَلَمْ نَجْعَل لَّهُ عَيْنَيْنِ
क्या हमने उसे दोनों ऑंखें और ज़बान
9وَلِسَانًا وَشَفَتَيْنِ
और दोनों लब नहीं दिए (ज़रूर दिए)
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अनुवाद — अल-बलद 7

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Wednesday, September 30, 2026

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