अश-शम्स · 10/15
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शम्स
وَقَدْ خَابَ مَن دَسَّاهَا ۝١٠
Wa qad khaaba man dassaahaa
📖 हिंदी अर्थ
और जिसने उसे (गुनाह करके) दबा दिया वह नामुराद रहा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • خَابَ (ख़ाब) = नाकामयाब हुआ, घाटे में रहा, असफल हुआ।
  • دَسَّاهَا (दस्साहा) = उसे (नफ्स को) दबा दिया, छिपा दिया, उसे गंदा और तुच्छ बना दिया। अर्थात अपने नफ्स को गुनाहों और बुराइयों में डालकर उसे दबा दिया और उसकी पवित्रता को मिटा दिया।

संपूर्ण तफ़सीर:

इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिस इंसान ने अपने नफ्स को गुनाहों में डालकर उसे दबा दिया, उसे गंदा कर दिया, और उसकी फ़ितरत की पवित्रता को मिटा दिया, वह यक़ीनन नाकामयाब और घाटे में रहा। यानी जिसने अपनी रूह को अल्लाह की इताअत से हटाकर नाफ़रमानी में लगाया, उसने अपने आप को बर्बाद कर लिया।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने हर इंसान के नफ्स को पाक और साफ़ फ़ितरत पर पैदा किया, और उसे अच्छाई और बुराई दोनों की पहचान दी। अब यह इंसान के ऊपर है कि वह अपने नफ्स को पाक रखे, उसे नेकियों से आरास्ता करे, या फिर उसे गुनाहों में डालकर दबा दे और उसकी रोशनी को बुझा दे।

जो लोग अपने नफ्स को गुनाहों से बचाते हैं, उसे पाक रखते हैं, वही सच्चे कामयाब हैं। और जो लोग अपने नफ्स को शहवतों, लालच, झूठ, धोखे, और बुराइयों में डाल देते हैं, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में नाकामयाब हैं।

यह आयत हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपने दिल की सफ़ाई का ख़याल रखें। जिस तरह हम अपने बदन को साफ़ रखते हैं, उसी तरह अपने दिल और नफ्स को भी गुनाहों की गंदगी से पाक रखें। तौबा और इस्तिग़फ़ार वह ज़रिया है जिससे हम अपने नफ्स को दोबारा पाक कर सकते हैं। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है, वह अपने बंदों की तौबा क़बूल करता है और उनके गुनाह माफ़ कर देता है।

याद रखिए! जो शख्स अपने नफ्स को बुराइयों से बचाता है, वह दुनिया में इज़्ज़त पाता है और आख़िरत में जन्नत की नेमतों से नवाज़ा जाता है। और जो अपने नफ्स को गुनाहों में डालता है, वह दुनिया में बेचैनी और परेशानी में रहता है और आख़िरत में जहन्नम का मुस्तहिक़ बनता है। अल्लाह हम सबको अपने नफ्स को पाक रखने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 8-12 — सूरा अश-शम्स

8فَأَلْهَمَهَا فُجُورَهَا وَتَقْوَاهَا
फिर उसकी बदकारी और परहेज़गारी को उसे समझा दिया
9قَدْ أَفْلَحَ مَن زَكَّاهَا
(क़सम है) जिसने उस (जान) को (गनाह से) पाक रखा वह तो कामयाब हुआ
10وَقَدْ خَابَ مَن دَسَّاهَا
और जिसने उसे (गुनाह करके) दबा दिया वह नामुराद रहा
11كَذَّبَتْ ثَمُودُ بِطَغْوَاهَا
क़ौम मसूद ने अपनी सरकशी से (सालेह पैग़म्बर को) झुठलाया,
12إِذِ انبَعَثَ أَشْقَاهَا
जब उनमें का एक बड़ा बदबख्त उठ खड़ा हुआ
अश-शम्सकुरान सूची
15आयत
मक्कीअवतरण स्थान
10आयत

अनुवाद — अश-शम्स 10

सूरा अश-शम्स आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिसने उसे (गुनाह करके) दबा दिया वह नामुराद रहा

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Wednesday, September 30, 2026

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