अश-शम्स · 11/15
अनुवाद उच्चारण — अश-शम्स
كَذَّبَتْ ثَمُودُ بِطَغْوَاهَا ۝١١
Kazzabat Samoodu bi taghwaahaaa
📖 हिंदी अर्थ
क़ौम मसूद ने अपनी सरकशी से (सालेह पैग़म्बर को) झुठलाया,

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَذَّبَتْ: झुठलाया, असत्य कहा
  • ثَمُودُ: समूद की क़ौम (पैग़म्बर सालिह अलैहिस्सलाम की क़ौम)
  • بِطَغْوَاهَا: अपनी सरकशी और हद से गुज़र जाने के कारण

तफ़सीर (व्याख्या):

समूद की क़ौम ने अपने पैग़म्बर हज़रत सालिह अलैहिस्सलाम को झुठलाया और यह झुठलाना उनके अत्याचार, सरकशी और हद से बढ़ जाने की वजह से था। उन्होंने न केवल सच्चाई को नकारा, बल्कि अपनी हठधर्मिता और ज़िद में इतना आगे बढ़ गए कि अल्लाह की भेजी हुई निशानी (ऊँटनी) को भी नहीं बख्शा।

जब उनके सबसे बदकिस्मत और शरारती लोगों ने उस ऊँटनी को मार डाला, तो हज़रत सालिह अलैहिस्सलाम ने उन्हें डराया और कहा: "अल्लाह के अज़ाब से बचो, इस ऊँटनी को नुक़्सान पहुँचाने से परहेज़ करो, यह अल्लाह की तरफ से एक निशानी है जो मेरे सच्चे होने का सबूत है। इसके पानी पीने का एक दिन है और तुम्हारे पानी पीने का एक दिन मुक़र्रर है।"

लेकिन उन्होंने इस नसीहत को नहीं माना, बल्कि उसे झुठलाया और ऊँटनी को काट डाला। नतीजा यह हुआ कि अल्लाह ने उन पर अपना अज़ाब नाज़िल किया और सबको एक साथ हलाक कर दिया। कोई भी उनमें से बच नहीं पाया। अल्लाह को अपने इस फ़ैसले पर कोई डर या चिंता नहीं है, क्योंकि वह सबसे बड़ा और सबसे ताक़तवर है।

दावत और नसीहत:

यह क़िस्सा हमारे लिए एक बड़ी सबक़ है! देखिए, जब इंसान अपनी सरकशी और ज़िद में हद से बढ़ जाता है, तो वह सच्चाई को भी नकार देता है और अपने ही हाथों अपनी तबाही बुला लेता है। अल्लाह के नबियों की बात को न मानना और उनकी निशानियों को झुठलाना किसी भी क़ौम के लिए हलाकत का सबब बना है।

आज हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को सरकशी और घमंड से पाक रखें, अल्लाह के हुक्मों के सामने सर झुकाएँ और अपने पैग़म्बर ﷺ की सुन्नत को अपनाएँ। याद रखिए, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत भी बहुत वसीअ है। जो लोग अपनी ग़लतियों से तौबा कर लें, अल्लाह उन्हें माफ़ कर देता है और उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ता है। आइए, हम समूद की क़ौम के अंजाम से सबक़ लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में गुज़ारें, ताकि दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।



📜 आयत 9-13 — अश-शम्स

9قَدْ أَفْلَحَ مَن زَكَّاهَا
(क़सम है) जिसने उस (जान) को (गनाह से) पाक रखा वह तो कामयाब हुआ
10وَقَدْ خَابَ مَن دَسَّاهَا
और जिसने उसे (गुनाह करके) दबा दिया वह नामुराद रहा
11كَذَّبَتْ ثَمُودُ بِطَغْوَاهَا
क़ौम मसूद ने अपनी सरकशी से (सालेह पैग़म्बर को) झुठलाया,
12إِذِ انبَعَثَ أَشْقَاهَا
जब उनमें का एक बड़ा बदबख्त उठ खड़ा हुआ
13فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ نَاقَةَ اللَّهِ وَسُقْيَاهَا
तो ख़ुदा के रसूल (सालेह) ने उनसे कहा कि ख़ुदा की ऊँटनी और उसके पानी पीने से तअर्रुज़ न करना
अश-शम्सकुरान सूची
15आयत
मक्कीRevelation
11आयत

अनुवाद — अश-शम्स 11

सूरा अश-शम्स आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क़ौम मसूद ने अपनी सरकशी से (सालेह पैग़म्बर को) झुठलाया,

सूरा आयत 11/15 — अश-शम्स الشمس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शम्स सुनें, अश-शम्स अनुवाद, अश-शम्स mp3, अश-शम्स pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए