अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَاللَّيْلِ: रात की क़सम।
- يَغْشَاهَا: वह (रात) उसे (सूर्य या पृथ्वी को) ढक लेती है, यानी अंधेरा छा जाता है।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में रात की क़सम खाई है जब वह सूर्य को ढक लेती है या पृथ्वी के चेहरे को अपने अंधेरे से छिपा लेती है। जब सूर्य डूबता है तो रात का अंधेरा चारों ओर फैल जाता है और पूरी दुनिया में अंधकार छा जाता है। यह अल्लाह की क़ुदरत का एक अज़ीम नमूना है कि वह दिन के उजाले को रात के अंधेरे से बदल देता है, और यह बदलाव उसके हुक्म से होता है।
यह क़सम इसलिए खाई गई है ताकि इंसान अल्लाह की बनाई हुई इस व्यवस्था पर ग़ौर करे। रात और दिन का यह सिलसिला कोई ख़ुद-ब-ख़ुद नहीं चल रहा, बल्कि अल्लाह ही इसे चला रहा है। जिस तरह रात सूर्य को ढक लेती है और फिर सुबह होती है, उसी तरह अल्लाह इंसान के दिल से ग़फ़लत का अंधेरा हटाकर ईमान की रोशनी दे सकता है।
इस आयत से हमें सबक़ लेना चाहिए कि जिस अल्लाह ने रात और दिन का यह निज़ाम बनाया है, वही हमारी ज़िंदगी के हर मामले का मालिक है। जब हम रात को देखते हैं कि कैसे अंधेरा सब कुछ ढक लेता है, तो हमें याद रखना चाहिए कि अल्लाह की क़ुदरत के आगे हमें सर झुकाना है। रात का अंधेरा हमें यह भी सिखाता है कि इस दुनिया की ज़िंदगी में भी कभी खुशियाँ और कभी ग़म आते हैं, लेकिन अल्लाह पर भरोसा रखने वाले के लिए हर हालत में भलाई है।
अल्लाह ने रात की क़सम खाकर यह बताना चाहा कि उसकी बनाई हर चीज़ में इंसान के लिए निशानियाँ हैं। रात का अंधेरा इंसान को सुकून और आराम देता है, और यह अल्लाह की रहमत है। इसलिए हमें चाहिए कि रात और दिन के इस बदलाव में अल्लाह की क़ुदरत को पहचानें और उसकी इबादत करें। जो इंसान अल्लाह की इन निशानियों पर ग़ौर करता है, उसका ईमान मज़बूत होता है और वह अल्लाह के करीब हो जाता है।
📜 आयत 2-6 — अश-शम्स
अनुवाद — अश-शम्स 4
सूरा अश-शम्स आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और रात की जब उसे ढाँक लेसूरा आयत 4/15 — अश-शम्स الشمس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शम्स सुनें, अश-शम्स अनुवाद, अश-शम्स mp3, अश-शम्स pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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