अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَجَىٰ (सजा): अंधेरा छा जाना, शांत हो जाना, सुकून में आ जाना। इसका अर्थ है कि रात अपने अंधेरे के साथ छा जाए और लोग उसमें सुकून और सन्नाटे में चले जाएं।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने रात की क़सम खाई है जब वह अपने अंधेरे के साथ आती है और सब कुछ शांत हो जाता है। रात का यह सन्नाटा और अंधेरा अल्लाह की कुदरत की एक अज़ीम निशानी है। जब रात आती है तो इंसान अपने कामों से फारिग होकर आराम करता है, आवाज़ें खामोश हो जाती हैं, और पूरी दुनिया एक अजीब सुकून में डूब जाती है। यह क़सम इस बात की ताकीद के लिए है कि अल्लाह का अपने नबी ﷺ से रिश्ता कभी टूटने वाला नहीं।
इस क़सम के बाद अगली आयत में अल्लाह फरमाता है कि "तेरे रब ने न तो तुझे छोड़ा और न ही तुझसे नाराज़ हुआ।" यानी जिस तरह रात के अंधेरे के बाद सुबह की रोशनी आती है, उसी तरह वही के आने में जो देर हुई, वह मोहब्बत की एक हिकमत थी, नाराज़गी नहीं। अल्लाह अपने नबी ﷺ से हमेशा राज़ी रहा और हमेशा राज़ी रहेगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वाले बंदे को कभी मायूस नहीं होना चाहिए। जब रात गहरी होती है तो उसका मतलब यह नहीं कि सुबह नहीं आएगी। इसी तरह जीवन में कभी मुश्किलें आती हैं, दुआओं में देर होती है, लेकिन अल्लाह का फज़ल और करम कभी बंद नहीं होता। रात की यह क़सम हमें यकीन दिलाती है कि अल्लाह की मोहब्बत और रहमत हर मुसीबत के बाद ज़रूर आती है। इसलिए हमें अपने रब से मुहब्बत करनी चाहिए और उसकी रहमत से कभी निराश नहीं होना चाहिए। यही इस सूरह का पैगाम है — अल्लाह का करम उसके नेक बंदों पर हमेशा रहता है, चाहे कितनी ही देर क्यों न हो जाए।
📜 आयत 1-4 — अद-दुहा
अनुवाद — अद-दुहा 2
सूरा अद-दुहा आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और रात की जब (चीज़ों को) छुपा लेसूरा आयत 2/11 — अद-दुहा الضحى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुहा सुनें, अद-दुहा अनुवाद, अद-दुहा mp3, अद-दुहा pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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