Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا وَدَّعَكَ: तुम्हें अलविदा नहीं कहा, नहीं छोड़ा।
- رَبُّكَ: तेरा पालनहार।
- وَمَا قَلَى: और न ही तुमसे नफ़रत की (तुम्हें बुरा नहीं जाना)।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को सांत्वना और दिलासा दे रहा है। जब कुछ समय के लिए वह़ी (प्रकाशना) का सिलसिला रुक गया था, तो काफ़िरों और मुशरिकों ने मज़ाक़ उड़ाते हुए कहना शुरू कर दिया था कि मुहम्मद (ﷺ) को उनका रब छोड़ चुका है और अब वह उनसे नाराज़ है। इस पर अल्लाह तआला ने अपने महबूब नबी ﷺ को यक़ीन दिलाया कि ऐ मेरे प्यारे नबी! तुम्हारे रब ने तुम्हें कभी नहीं छोड़ा और न ही वह तुमसे नाराज़ हुआ। यह वह़ी का रुकना उसकी मर्ज़ी और हिकमत से था, तुम्हारी बेक़द्री की वजह से नहीं।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने बंदों से, ख़ासकर अपने नबियों और नेक बंदों से, कभी नाराज़ होकर उन्हें नहीं छोड़ता। कभी-कभी परीक्षा या किसी और हिकमत की वजह से कुछ चीज़ों में देरी होती है, लेकिन अल्लाह की मुहब्बत और रहमत हमेशा क़ायम रहती है। यह हमारे लिए भी बहुत बड़ी तसल्ली है कि अगर हमें लगे कि हमारी दुआएँ क़बूल नहीं हो रहीं या हालात ख़राब हैं, तो हमें यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह हमेशा हमारे साथ है, बशर्ते हम उसकी राह पर चलें और उससे उम्मीद न खोएँ। यह आयत हमें अल्लाह पर भरोसा और उसकी रहमत से उम्मीद रखने की तालीम देती है, और यह भी बताती है कि मुसीबत और तंगी के बाद ही आसानी आती है।
📜 आयत 1-5 — सूरा अद-दुहा
अनुवाद — अद-दुहा 3
सूरा अद-दुहा आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि तुम्हारा परवरदिगार न तुमको छोड़ बैठा और (न तुमसे)…सूरा आयत 3/11 — सूरा अद-दुहा الضحى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुहा सुनें, सूरा अद-दुहा अनुवाद, सूरा अद-दुहा mp3, सूरा अद-दुहा pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


