अल-अलक · 3/19
अनुवाद उच्चारण — अल-अलक
اقْرَأْ وَرَبُّكَ الْأَكْرَمُ ۝٣
Iqra wa rab bukal akram
📖 हिंदी अर्थ
और तुम्हारा परवरदिगार बड़ा क़रीम है

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • اقْرَأْ: पढ़िए, पढ़कर सुनाइए।
  • وَرَبُّكَ: और आपका पालनहार।
  • الأَكْرَمُ: सबसे अधिक उदार, असीम दया और करुणा वाला, जिसकी उदारता की कोई सीमा नहीं।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को संबोधित करते हुए फ़रमाता है: "पढ़िए, और आपका पालनहार सबसे बड़ा कृपालु और उदार है।" यह आदेश केवल पढ़ने का नहीं, बल्कि उस पढ़ने की ताकीद है जो अल्लाह के नाम से शुरू हो, जिसका उद्देश्य उसकी वही (प्रकाशना) को पढ़ना और लोगों तक पहुँचाना है।

इस आयत में अल्लाह ने अपने नबी को दिलासा दी है कि जिस रब ने आपको यह आदेश दिया है, वह सबसे अधिक उदार और दयावान है। उसकी उदारता की कोई मिसाल नहीं, उसका दान और कृपा असीमित है। वह अपने बंदों को ज्ञान देता है, उन्हें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर लाता है। उसने मनुष्य को कलम (लेखनी) के द्वारा लिखना सिखाया, और उसे वह कुछ सिखाया जो वह नहीं जानता था।

यहाँ "الأَكْرَمُ" (सबसे उदार) का विशेष उल्लेख इसलिए किया गया कि नबी ﷺ को यह विश्वास दिलाया जाए कि यह रब उन सांसारिक रबों (सरदारों, शासकों) जैसा नहीं है जो अपनी उदारता में कंजूसी करते हैं या बदले की उम्मीद रखते हैं। अल्लाह की उदारता निःस्वार्थ है, वह देता है और कुछ नहीं माँगता। वह अपने बंदों की भलाई चाहता है, उन्हें ऊपर उठाना चाहता है, और उन्हें मान-सम्मान देना चाहता है।

इस आयत में एक बड़ी शिक्षा है कि जब हमें कोई ज़िम्मेदारी या कार्य सौंपा जाए, तो हमें यह विश्वास रखना चाहिए कि अल्लाह हमारे साथ है, वह हमारी मदद करेगा और हमें कामयाबी देगा। उसकी उदारता का दामन थाम लेने वाला कभी निराश नहीं होता। यही कारण है कि इस्लाम में ज्ञान को बहुत ऊँचा स्थान दिया गया है — पहली वही (प्रकाशना) ही "पढ़ने" के आदेश से शुरू हुई, और यह उम्मत (समुदाय) की सबसे बड़ी विशेषता है कि उसे ज्ञान और समझ का धर्म दिया गया।

इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि अल्लाह की उदारता पर भरोसा रखें, उससे माँगते रहें, और उसके दिए हुए ज्ञान और समझ को दूसरों तक पहुँचाने का प्रयास करें। जो व्यक्ति अल्लाह के नाम पर पढ़ता है, उसकी पढ़ाई में बरकत होती है, और वह दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई पाता है।



📜 आयत 1-5 — अल-अलक

1اقْرَأْ بِاسْمِ رَبِّكَ الَّذِي خَلَقَ
(ऐ रसूल) अपने परवरदिगार का नाम लेकर पढ़ो जिसने हर (चीज़ को) पैदा किया
2خَلَقَ الْإِنسَانَ مِنْ عَلَقٍ
उस ने इन्सान को जमे हुए ख़ून से पैदा किया पढ़ो
3اقْرَأْ وَرَبُّكَ الْأَكْرَمُ
और तुम्हारा परवरदिगार बड़ा क़रीम है
4الَّذِي عَلَّمَ بِالْقَلَمِ
जिसने क़लम के ज़रिए तालीम दी
5عَلَّمَ الْإِنسَانَ مَا لَمْ يَعْلَمْ
उसीने इन्सान को वह बातें बतायीं जिनको वह कुछ जानता ही न था
अल-अलककुरान सूची
19आयत
मक्कीRevelation
3आयत

अनुवाद — अल-अलक 3

सूरा अल-अलक आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम्हारा परवरदिगार बड़ा क़रीम है

सूरा आयत 3/19 — अल-अलक العلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अलक सुनें, अल-अलक अनुवाद, अल-अलक mp3, अल-अलक pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए