अल-क़द्र · 2/5
अनुवाद उच्चारण — अल-क़द्र
وَمَا أَدْرَاكَ مَا لَيْلَةُ الْقَدْرِ ۝٢
Wa maa adraaka ma lailatul qadr
📖 हिंदी अर्थ
और तुमको क्या मालूम शबे क़द्र क्या है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَمَا أَدْرَاكَ – और आपको क्या बताए कि… (यह एक अलंकारिक प्रश्न है जो इसकी अहमियत और अज़मत को बयान करता है)
  • لَيْلَةُ الْقَدْرِ – शब-ए-क़द्र, वह रात जिसमें क़ुरआन उतारा गया, और जिसमें तक़दीर के मामले तय किए जाते हैं

तफ़सीर:

फिर अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को ख़िताब करके फ़रमाता है: "और आपको क्या ख़बर कि शब-ए-क़द्र क्या है?" यह एक ऐसा सवाल है जो दरअसल इस रात की अज़ीम शान और बुलंदी को ज़ाहिर करता है। यानी ऐ नबी! आप भले ही इस रात की फ़ज़ीलत से वाक़िफ़ हैं, लेकिन इसकी असल हक़ीक़त और इसके अंदर छिपी बरकतों का पूरा इदराक इंसानी समझ से बाहर है। यह वह रात है जिसमें क़ुरआन जैसी अज़ीम किताब का नुज़ूल हुआ, यह वह रात है जो हज़ार महीनों से बेहतर है, यह वह रात है जिसमें फ़रिश्ते रहमतों के साथ उतरते हैं और मोमिनों के लिए दुआएं करते हैं।

अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने नबी को भी इस रात की अज़मत से हैरान कर दिया, ताकि उम्मत को यह अहसास हो कि यह रात कितनी क़ीमती है। यह एक ऐसा तोहफ़ा है जो अल्लाह ने अपने बंदों को दिया है, जिसमें एक रात की इबादत हज़ार महीनों की इबादत से अफ़ज़ल है।

प्यारे मुसलमानों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम इस रात को कैसे गुज़ारते हैं? क्या हम इस रात की क़द्र करते हैं? यह रात हमारे लिए मग़फ़िरत और रहमत का ख़ज़ाना है। जो शख्स इस रात को ईमान और सवाब की नीयत से इबादत में गुज़ारे, उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं। अल्लाह तआला ने यह रात इसलिए छिपाई ताकि बंदे रमज़ान के आख़िरी अशरे में ज़्यादा से ज़्यादा इबादत करें और इसकी तलाश में लगे रहें।

तो आइए हम सब इस रात की क़द्र करें, नमाज़, तिलावत, ज़िक्र और दुआ में गुज़ारें, और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांगें। यह रात उन लोगों के लिए बड़ी कामयाबी है जो इसे ग़नीमत जानते हैं। अल्लाह हम सबको इस रात की बरकतों से नवाज़े और हमें इसकी क़द्र करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-4 — अल-क़द्र

1إِنَّا أَنزَلْنَاهُ فِي لَيْلَةِ الْقَدْرِ
हमने (इस कुरान) को शबे क़द्र में नाज़िल (करना शुरू) किया
2وَمَا أَدْرَاكَ مَا لَيْلَةُ الْقَدْرِ
और तुमको क्या मालूम शबे क़द्र क्या है
3لَيْلَةُ الْقَدْرِ خَيْرٌ مِّنْ أَلْفِ شَهْرٍ
शबे क़द्र (मरतबा और अमल में) हज़ार महीनो से बेहतर है
4تَنَزَّلُ الْمَلَائِكَةُ وَالرُّوحُ فِيهَا بِإِذْنِ رَبِّهِم مِّن كُلِّ أَمْرٍ
इस (रात) में फ़रिश्ते और जिबरील (साल भर की) हर बात का हुक्म लेकर अपने परवरदिगार के हुक्म से नाज़िल होते हैं
अल-क़द्रकुरान सूची
5आयत
मक्कीRevelation
2आयत

अनुवाद — अल-क़द्र 2

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Tuesday, August 18, 2026

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