Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَمَا أَدْرَاكَ – और आपको क्या बताए कि… (यह एक अलंकारिक प्रश्न है जो इसकी अहमियत और अज़मत को बयान करता है)
- لَيْلَةُ الْقَدْرِ – शब-ए-क़द्र, वह रात जिसमें क़ुरआन उतारा गया, और जिसमें तक़दीर के मामले तय किए जाते हैं
तफ़सीर:
फिर अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को ख़िताब करके फ़रमाता है: "और आपको क्या ख़बर कि शब-ए-क़द्र क्या है?" यह एक ऐसा सवाल है जो दरअसल इस रात की अज़ीम शान और बुलंदी को ज़ाहिर करता है। यानी ऐ नबी! आप भले ही इस रात की फ़ज़ीलत से वाक़िफ़ हैं, लेकिन इसकी असल हक़ीक़त और इसके अंदर छिपी बरकतों का पूरा इदराक इंसानी समझ से बाहर है। यह वह रात है जिसमें क़ुरआन जैसी अज़ीम किताब का नुज़ूल हुआ, यह वह रात है जो हज़ार महीनों से बेहतर है, यह वह रात है जिसमें फ़रिश्ते रहमतों के साथ उतरते हैं और मोमिनों के लिए दुआएं करते हैं।
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने नबी को भी इस रात की अज़मत से हैरान कर दिया, ताकि उम्मत को यह अहसास हो कि यह रात कितनी क़ीमती है। यह एक ऐसा तोहफ़ा है जो अल्लाह ने अपने बंदों को दिया है, जिसमें एक रात की इबादत हज़ार महीनों की इबादत से अफ़ज़ल है।
प्यारे मुसलमानों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम इस रात को कैसे गुज़ारते हैं? क्या हम इस रात की क़द्र करते हैं? यह रात हमारे लिए मग़फ़िरत और रहमत का ख़ज़ाना है। जो शख्स इस रात को ईमान और सवाब की नीयत से इबादत में गुज़ारे, उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं। अल्लाह तआला ने यह रात इसलिए छिपाई ताकि बंदे रमज़ान के आख़िरी अशरे में ज़्यादा से ज़्यादा इबादत करें और इसकी तलाश में लगे रहें।
तो आइए हम सब इस रात की क़द्र करें, नमाज़, तिलावत, ज़िक्र और दुआ में गुज़ारें, और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांगें। यह रात उन लोगों के लिए बड़ी कामयाबी है जो इसे ग़नीमत जानते हैं। अल्लाह हम सबको इस रात की बरकतों से नवाज़े और हमें इसकी क़द्र करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 1-4 — सूरा अल-क़द्र
अनुवाद — अल-क़द्र 2
सूरा अल-क़द्र आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुमको क्या मालूम शबे क़द्र क्या हैसूरा आयत 2/5 — सूरा अल-क़द्र القدر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़द्र सुनें, सूरा अल-क़द्र अनुवाद, सूरा अल-क़द्र mp3, सूरा अल-क़द्र pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-क़द्र
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


