अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَيْلَةُ الْقَدْرِ: वह रात जिसमें क़ुरआन उतारा गया, यह रमज़ान के आखिरी दस दिनों में आती है।
- خَيْرٌ: बेहतर, अधिक फ़ज़ीलत वाली।
- مِنْ أَلْفِ شَهْرٍ: एक हज़ार महीनों से (जिसमें लैलतुल क़द्र न हो)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में लैलतुल क़द्र की अज़ीम फ़ज़ीलत बयान की है। यह रात इबादत, क़ियाम और नेक अमल के लिए इतनी बरकत वाली है कि इसकी इबादत उन एक हज़ार महीनों की इबादत से बेहतर है जिनमें लैलतुल क़द्र न हो। एक हज़ार महीने लगभग तिरासी (83) साल और चार महीने के बराबर होते हैं — यानी पूरी उम्र भर की इबादत से भी बढ़कर है इस एक रात का अमल।
यह वही रात है जिसमें क़ुरआन मजीद नाज़िल हुआ, और यह रमज़ान के आखिरी अशरे (दस दिनों) की ताक रातों में आती है। जो व्यक्ति इस रात को ईमान की हालत में और अल्लाह से सवाब की उम्मीद रखते हुए इबादत में गुज़ारे, उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत मुसलमानों के लिए एक ज़बरदस्त ख़ुशख़बरी है! अल्लाह ने अपनी रहमत से उम्मत-ए-मुहम्मदिया को एक ऐसा अनमोल तोहफ़ा दिया है जो पहले की उम्मतों को नहीं मिला। सोचिए — अगर कोई इंसान 83 साल जिए और पूरी उम्र इबादत में बिता दे, तो उसे जितना सवाब मिलता है, उतना सवाब एक रात की इबादत से मिल सकता है! यह अल्लाह की असीम रहमत और करम का दरवाज़ा है। इसलिए हमें चाहिए कि रमज़ान के आखिरी दस दिनों में इस रात को तलाश करें, नमाज़, तिलावत, ज़िक्र और दुआ में मशगूल रहें, और इस अज़ीम नेमत से भरपूर फ़ायदा उठाएँ। यह रात उन लोगों के लिए सुनहरा मौक़ा है जो अपनी ज़िंदगी का हिसाब बेहतर बनाना चाहते हैं और अल्लाह की रज़ा और मग़फ़िरत के तलबगार हैं।
📜 आयत 1-5 — अल-क़द्र
अनुवाद — अल-क़द्र 3
सूरा अल-क़द्र आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : शबे क़द्र (मरतबा और अमल में) हज़ार महीनो से बेहतर…सूरा आयत 3/5 — अल-क़द्र القدر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़द्र सुनें, अल-क़द्र अनुवाद, अल-क़द्र mp3, अल-क़द्र pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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