अज़-ज़लज़ला · 8/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़लज़ला
وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ شَرًّا يَرَهُ ۝٨
Wa maiy-y`amal mithqala zarratin sharraiy-yarah
📖 हिंदी अर्थ
और जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर बदी की है तो उसे देख लेगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مِثْقَالَ ذَرَّةٍ: रत्ती भर, अर्थात सबसे छोटे कण के बराबर वज़न।
  • شَرًّا: बुराई, बुरा काम।
  • يَرَهُ: वह उसे देख लेगा, अर्थात उसका परिणाम उसे अवश्य दिखाई देगा।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो कोई भी रत्ती भर बुराई करेगा, वह उसे अवश्य देखेगा। यानी क़ियामत के दिन हर इंसान को उसके छोटे से छोटे बुरे काम का सामना करना पड़ेगा और उसका बदला उसे मिलकर रहेगा। यह अल्लाह का पूर्ण न्याय है कि कोई भी अच्छा या बुरा काम, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो, बेहिसाब नहीं रहेगा।

यहाँ यह बात समझने की है कि जो लोग मोमिन हैं, उनके छोटे-छोटे गुनाह इस दुनिया में ही मुसीबतों, बीमारियों और परेशानियों के रूप में माफ कर दिए जाते हैं, ताकि आख़िरत में उन्हें सिर्फ अच्छाई का बदला मिले। लेकिन जो लोग काफिर हैं, उनकी नेकियाँ इसी दुनिया में खत्म कर दी जाती हैं, और आख़िरत में उन्हें सिर्फ बुराई का ही सामना करना पड़ेगा।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का इंसाफ़ बिल्कुल सटीक है। हमें अपने छोटे से छोटे काम की भी परवाह करनी चाहिए, क्योंकि हर काम हमारे सामने पेश किया जाएगा। यह हमारे लिए एक चेतावनी भी है और रहमत भी। चेतावनी इसलिए कि हम बुराई से बचें, और रहमत इसलिए कि हमारी छोटी सी नेकी भी अल्लाह के यहाँ ज़ाया नहीं होगी।

इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है। उसने छोटी से छोटी नेकी को भी क़बूल करने का वादा किया है। इसलिए हमें कभी भी नेक काम को छोटा नहीं समझना चाहिए, और न ही बुरे काम को मामूली समझकर करना चाहिए। अल्लाह हर चीज़ का हिसाब रखता है और हर इंसान को उसका पूरा-पूरा बदला देगा।



📜 आयत 6-8 — सूरा अज़-ज़लज़ला

6يَوْمَئِذٍ يَصْدُرُ النَّاسُ أَشْتَاتًا لِّيُرَوْا أَعْمَالَهُمْ
उस दिन लोग गिरोह गिरोह (अपनी कब्रों से) निकलेंगे ताकि अपने आमाल को देखे
7فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًا يَرَهُ
तो जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा
8وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ شَرًّا يَرَهُ
और जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर बदी की है तो उसे देख लेगा
अज़-ज़लज़लाकुरान सूची
8आयत
मदनीअवतरण स्थान
8आयत

अनुवाद — अज़-ज़लज़ला 8

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Monday, September 28, 2026

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