अज़-ज़लज़ला · 7/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़लज़ला
فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًا يَرَهُ ۝٧
Famaiy ya`mal mithqala zarratin khai raiy-yarah
📖 हिंदी अर्थ
तो जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مِثْقَالَ ذَرَّةٍ: एक छोटी चींटी के बराबर वज़न, यानी बहुत ही सूक्ष्म और मामूली मात्रा।
  • خَيْرًا: नेकी, भलाई, अच्छा काम।
  • يَرَهُ: वह उसे देख लेगा, यानी उसका फल उसे मिलेगा।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला हमें बता रहे हैं कि क़ियामत के दिन हर इंसान को उसके अमल का पूरा-पूरा बदला मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति एक छोटी चींटी के बराबर भी नेकी करता है—चाहे वह एक मुस्कान हो, किसी की मदद हो, एक अच्छा शब्द हो, या दिल की कोई अच्छी नीयत हो—तो अल्लाह उसे वह नेकी ज़रूर दिखाएगा और उसका बदला उसे अता करेगा। यह अल्लाह का बेहद इंसाफ़ और कृपा है कि वह छोटे से छोटे अच्छे काम को भी ज़ाया नहीं होने देता।

यह आयत हमें सिखाती है कि नेकी के कामों को कभी छोटा न समझें, क्योंकि अल्लाह के यहाँ हर अच्छाई की क़द्र है। एक गिलास पानी पिलाना, रास्ते से काँटा हटाना, या किसी दुखी दिल को तसल्ली देना—ये सब ऐसे अमल हैं जो अल्लाह के यहाँ महफ़ूज़ हैं और क़ियामत के दिन हमारे सामने पेश होंगे। यह हमारे लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारा रब इतना मेहरबान है कि वह हमारी छोटी-छोटी नेकियों को भी देखता है और उनका अज्र देता है।

इसलिए, प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में नेकी के छोटे-छोटे मौक़ों को कभी हाथ से न जाने दें। हर अच्छा काम हमें अल्लाह के करीब लाता है और हमारे आख़िरत के सफ़र को रोशन करता है। यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की याद दिलाती है और हमारे दिलों में नेकी करने का जज़्बा पैदा करती है। काश! हम इस हक़ीक़त को समझें और अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भर दें।



📜 आयत 5-8 — सूरा अज़-ज़लज़ला

5بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا
क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा
6يَوْمَئِذٍ يَصْدُرُ النَّاسُ أَشْتَاتًا لِّيُرَوْا أَعْمَالَهُمْ
उस दिन लोग गिरोह गिरोह (अपनी कब्रों से) निकलेंगे ताकि अपने आमाल को देखे
7فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًا يَرَهُ
तो जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा
8وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ شَرًّا يَرَهُ
और जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर बदी की है तो उसे देख लेगा
अज़-ज़लज़लाकुरान सूची
8आयत
मदनीअवतरण स्थान
7आयत

अनुवाद — अज़-ज़लज़ला 7

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Monday, September 28, 2026

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