यूनुस · 58/109
अनुवाद उच्चारण — यूनुस
قُلْ بِفَضْلِ اللَّهِ وَبِرَحْمَتِهِ فَبِذَٰلِكَ فَلْيَفْرَحُوا هُوَ خَيْرٌ مِّمَّا يَجْمَعُونَ ۝٥٨
Qul bifadlil laahi wa birahmatihii fabizaalika falyaf rahoo huwa khairum mimmaa yajma`oon
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि (ये क़ुरान) ख़ुदा के फज़ल व करम और उसकी रहमत से तुमको मिला है (ही) तो उन लोगों को इस पर खुश होना चाहिए
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بِفَضْلِ اللَّهِ: अल्लाह की कृपा और उपकार से।
  • وَبِرَحْمَتِهِ: और उसकी दया और रहमत से।
  • فَلْيَفْرَحُوا: तो उन्हें खुशी मनानी चाहिए।
  • خَيْرٌ: बेहतर और उत्तम है।
  • مِمَّا يَجْمَعُونَ: उस चीज़ से जो वे इकट्ठा करते हैं (यानी दुनिया का माल और ऐश्वर्य)।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप सभी लोगों से कह दीजिए कि जो कुछ आपके पास आया है—यानी कुरआन और इस्लाम का मार्गदर्शन—यह अल्लाह की ओर से एक महान कृपा और उसकी विशेष रहमत है। अल्लाह ने यह कुरआन उतारकर और सच्चे दीन (इस्लाम) को पेश करके लोगों पर बड़ा एहसान किया है। यही वह चीज़ है जिस पर उन्हें खुशी मनानी चाहिए, न कि दुनिया के अस्थायी सामान और उसके फ़ानी सुखों पर। क्योंकि यह कुरआन और ईमान उन सब चीज़ों से कहीं बेहतर है जो लोग दुनिया में जमा करते हैं—चाहे वह धन हो, संपत्ति हो या कोई और दुनियावी लाभ। दुनिया का सामान तो जल्दी नष्ट होने वाला है, जबकि अल्लाह की कृपा और रहमत से मिलने वाला मार्गदर्शन स्थायी और आख़िरत में काम आने वाला है। इसलिए सच्चे मोमिनों को चाहिए कि वे इसी पर खुशी मनाएँ और इसे ही अपनी सबसे बड़ी नेमत समझें।

फ़ायदे (सबक़):

  1. इस आयत से हमें सीख मिलती है कि सच्ची खुशी और संतोष का स्रोत अल्लाह की कृपा और उसकी रहमत है, न कि दुनिया के माल और ऐश्वर्य में। जो व्यक्ति ईमान और कुरआन को अपनी सबसे बड़ी नेमत समझता है, उसका दिल हमेशा शांत और खुश रहता है।
  2. यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की चीज़ें फ़ानी (नाशवान) हैं, लेकिन अल्लाह का दीन और उसका कलाम (कुरआन) बाकी रहने वाला है। इसलिए हमें अपनी प्राथमिकताएँ सही रखनी चाहिए और आख़िरत की भलाई को दुनिया की भलाई पर तरजीह देनी चाहिए।
  3. इस आयत में मोमिनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह ने उन्हें कुरआन और इस्लाम जैसी नेमत देकर उन पर एहसान किया है। यह उनके लिए गर्व और खुशी का कारण होना चाहिए, और उन्हें इस पर अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए।
  4. यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि खुशी मनाने का सही तरीक़ा यह है कि हम अल्लाह की नेमतों को पहचानें, उनकी क़द्र करें और उनके लिए अल्लाह की तारीफ़ करें, न कि दुनियावी चीज़ों पर इतराएँ और घमंड करें।
🎧 सुनें

📜 आयत 56-60 — यूनुस

56هُوَ يُحْيِي وَيُمِيتُ وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
वही ज़िन्दा करता है और वही मारता है और तुम सब के सब उसी की तरफ लौटाए जाओगें
57يَا أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَاءَتْكُم مَّوْعِظَةٌ مِّن رَّبِّكُمْ وَشِفَاءٌ لِّمَا فِي الصُّدُورِ وَهُدًى وَرَحْمَةٌ لِّلْمُؤْمِنِينَ
लोगों तुम्हारे पास तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से नसीहत (किताबे ख़ुदा आ चुकी और जो (मरज़ शिर्क वगैरह) दिल में हैं उनकी दवा और ईमान वालों के लिए हिदायत और रहमत
58قُلْ بِفَضْلِ اللَّهِ وَبِرَحْمَتِهِ فَبِذَٰلِكَ فَلْيَفْرَحُوا هُوَ خَيْرٌ مِّمَّا يَجْمَعُونَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि (ये क़ुरान) ख़ुदा के फज़ल व करम और उसकी रहमत से तुमको मिला है (ही) तो उन लोगों को इस पर खुश होना चाहिए
59قُلْ أَرَأَيْتُم مَّا أَنزَلَ اللَّهُ لَكُم مِّن رِّزْقٍ فَجَعَلْتُم مِّنْهُ حَرَامًا وَحَلَالًا قُلْ آللَّهُ أَذِنَ لَكُمْ ۖ أَمْ عَلَى اللَّهِ تَفْتَرُونَ
और जो कुछ वह जमा कर रहे हैं उससे कहीं बेहतर है (ऐ रसूल) तुम कह दो कि तुम्हारा क्या ख्याल है कि ख़ुदा ने तुम पर रोज़ी नाज़िल की तो अब उसमें से बाज़ को हराम बाज़ को हलाल बनाने लगे (ऐ रसूल) तुम कह दो कि क्या ख़ुदा ने तुम्हें इजाज़त दी है या तुम ख़ुदा पर बोहतान बाँधते हो
60وَمَا ظَنُّ الَّذِينَ يَفْتَرُونَ عَلَى اللَّهِ الْكَذِبَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ۗ إِنَّ اللَّهَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَشْكُرُونَ
और जो लोग ख़ुदा पर झूठ मूठ बोहतान बॉधा करते हैं रोजे क़यामत का क्या ख्याल करते हैं उसमें शक़ नहीं कि ख़ुदा तो लोगों पर बड़ा फज़ल व (करम) है मगर उनमें से बहुतेरे शुक्र गुज़ार नहीं हैं
यूनुसकुरान सूची
109आयत
मक्कीRevelation
58आयत

अनुवाद — यूनुस 58

सूरा यूनुस आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि (ये क़ुरान) ख़ुदा के…

सूरा आयत 58/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए