अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَوْعِظَةٌ (मौ'इज़ा): नसीहत, उपदेश, वह बात जो दिल को नरम करे और अल्लाह की याद दिलाए।
- شِفَاءٌ (शिफ़ा): इलाज, दवा, रोग से मुक्ति।
- لِمَا فِي الصُّدُورِ (लिमा फ़िस्सुदूर): उन चीज़ों के लिए जो सीनों (दिलों) में हैं, जैसे संदेह, शिर्क, ईर्ष्या, बुरे विचार आदि।
- هُدًى (हुदा): मार्गदर्शन, सत्य का रास्ता दिखाना।
- رَحْمَةٌ (रहमत): दया, कृपा।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से एक ऐसी चीज़ आ चुकी है जो नसीहत और उपदेश देती है—यह क़ुरआन है। यह तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से डराता है, उसके वादों और वायदों की याद दिलाता है, और तुम्हारे अख़लाक़ (चरित्र) और आमाल (कर्मों) को सुधारने का ज़रिया है। यह किताब उन बीमारियों का इलाज है जो दिलों में पनप जाती हैं—जैसे अल्लाह के बारे में संदेह, शिर्क (किसी को अल्लाह का साझी बनाना), अहंकार, ईर्ष्या, और दूसरे दिली रोग। यह क़ुरआन उन लोगों के लिए मार्गदर्शन है जो इस पर अमल करते हैं, उन्हें गुमराही से निकालकर सीधे रास्ते पर लाता है और हलाकत (विनाश) से बचाता है। अल्लाह ने इसे मोमिनों (ईमानवालों) के लिए रहमत और नेमत बनाया है, क्योंकि वही इससे लाभ उठाते हैं। जहाँ तक काफ़िरों का सवाल है, यही क़ुरआन उनके लिए अंधेपन और हिदायत से महरूमी का सबब बन जाता है, क्योंकि उन्होंने इसे क़बूल नहीं किया।
फ़ायदे (निष्कर्ष):
- क़ुरआन हर दिल की बीमारी का इलाज है: चाहे वह शक (संदेह) हो, शिर्क हो, या दिल की सख़्ती—क़ुरआन को पढ़ने, समझने और उस पर अमल करने से हर दिली बीमारी ठीक हो सकती है। यह अल्लाह की सबसे बड़ी रहमत है।
- क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि अमल के लिए है: यह हमें सिखाता है कि क़ुरआन को अपनी ज़िंदगी में उतारना चाहिए। जो इसे अपनाता है, वह सीधे रास्ते पर चलता है और दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होता है।
- अल्लाह की रहमत ख़ास मोमिनों के लिए है: यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की रहमत और हिदायत उन्हीं को मिलती है जो ईमान लाते हैं और उसकी किताब पर अमल करते हैं। यह हमें ईमान की अहमियत समझाती है और उस पर क़ायम रहने की तरग़ीब देती है।
- क़ुरआन हर इंसान के लिए नसीहत है: यह सिर्फ़ किसी ख़ास गिरोह के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए रहनुमा किताब है। जो कोई भी इसे अपनाएगा, उसकी ज़िंदगी बदल जाएगी और उसे सुकून मिलेगा।
📜 आयत 55-59 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 57
सूरा यूनुस आयत 57 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : लोगों तुम्हारे पास तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से नसीहत (किताबे…सूरा आयत 57/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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