अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُخْزِيهِ: उसे अपमानित करेगा, उसे रुसवा करेगा।
- مُقِيم: स्थायी, कभी समाप्त न होने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
नूह अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को चेतावनी दी कि जब अल्लाह का आदेश आएगा, तो तुम्हें स्वयं पता चल जाएगा कि वह कौन है जिस पर दुनिया में अपमानित करने वाला अज़ाब आएगा। यह अज़ाब तूफ़ान (पानी में डूबने) की शक्ल में आने वाला था, जो उन्हें रुसवा करके रख देगा। इसके बाद आख़िरत में उन पर ऐसा स्थायी अज़ाब नाज़िल होगा जो कभी ख़त्म नहीं होगा और जिससे कोई राहत या छुटकारा नहीं मिलेगा। यह अज़ाब जहन्नम की आग है जो हमेशा के लिए है। इस प्रकार नूह अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को दोहरी सज़ा से आगाह किया—दुनिया में रुसवाई और आख़िरत में स्थायी यातना।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह के नबियों की चेतावनियाँ कभी ख़ाली नहीं जातीं—जो बात वे अल्लाह की ओर से कहते हैं, वह अवश्य पूरी होती है।
- दुनिया की सज़ा भले ही ख़त्म हो जाए, लेकिन आख़िरत का अज़ाब स्थायी है—इसलिए इंसान को चाहिए कि वह केवल दुनिया के अज़ाब से न डरे, बल्कि आख़िरत के हमेशा रहने वाले अज़ाब से सबसे अधिक डरे।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें और अपने जीवन को उसकी रज़ा के अनुसार ढालें, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें।
- इस आयत में उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत है जो नबियों की बातों को झुठलाते हैं—उन्हें याद रखना चाहिए कि अल्लाह की सज़ा देर से आए, तो भी ज़रूर आएगी।
📜 आयत 37-41 — हूद
अनुवाद — हूद 39
सूरा हूद आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा कि किस पर…सूरा आयत 39/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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