अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَارَ التَّنُّورُ: तन्नूर (ओवन/तंदूर) से पानी उबलकर बाहर निकल आया। यह तूफ़ान के आरंभ होने की निशानी थी।
- زَوْجَيْنِ اثْنَيْنِ: हर प्रकार के जानवरों में से नर और मादा (दो-दो)।
- أَهْلَكَ: आपके परिवार के लोग।
- سَبَقَ عَلَيْهِ الْقَوْلُ: जिनके बारे में पहले ही अल्लाह का फ़ैसला आ चुका था कि वे हलाक होंगे (यानी जो ईमान नहीं लाए)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब नूह (अलैहिस्सलाम) ने अल्लाह के आदेश से जहाज़ बनाने का काम पूरा कर लिया, तो अल्लाह का वह वादा आ गया जो उसने अपने नबी से किया था कि काफ़िरों को हलाक किया जाएगा। उस समय तन्नूर (ओवन) में से पानी उबलकर बाहर निकलने लगा — यह तूफ़ान के शुरू होने की निशानी थी। यह वही तन्नूर था जिसमें रोटी पकाई जाती थी, और यह नूह (अलैहिस्सलाम) के लिए अल्लाह की ओर से एक स्पष्ट संकेत था कि अब तूफ़ान आने वाला है।
उस समय अल्लाह ने नूह (अलैहिस्सलाम) से कहा: "इस जहाज़ में हर प्रकार के जानवरों में से एक नर और एक मादा (यानी दो-दो) ले लो, ताकि तूफ़ान के बाद उनकी नस्लें बनी रहें। और अपने परिवार के लोगों को भी जहाज़ में सवार कर लो, सिवाय उनके जिनके बारे में पहले ही हलाक होने का फ़ैसला आ चुका है — यानी तुम्हारा बेटा (कनान) और तुम्हारी पत्नी जो ईमान नहीं लाई। और उन लोगों को भी सवार करो जो तुम पर ईमान लाए हैं।"
लेकिन नूह (अलैहिस्सलाम) की लंबी दावत और सदियों की मेहनत के बावजूद, उनके साथ बहुत कम लोग ईमान लाए थे — केवल उनके तीन बेटे (साम, हाम, याफ़िस) और उनकी पत्नियाँ, और कुछ अन्य लोग। अल्लाह ने बताया कि उनके साथ ईमान लाने वालों की संख्या बहुत कम थी।
फ़ायदे (सीख):
- अल्लाह का वादा सच्चा है: अल्लाह जब किसी को हलाक करने का वादा करता है, तो वह अपने समय पर पूरा होकर रहता है। नूह (अलैहिस्सलाम) की दावत के बाद अल्लाह का आदेश आया और तूफ़ान आया।
- निशानियों पर यक़ीन: तन्नूर से पानी का उबलना अल्लाह की क़ुदरत की निशानी थी। अल्लाह जिसे चाहता है, उसके लिए अपनी निशानियाँ स्पष्ट कर देता है।
- परिवार का साथ ईमान पर मुनहसिर है: नूह (अलैहिस्सलाम) का बेटा और पत्नी ईमान नहीं लाए, इसलिए वे जहाज़ में सवार नहीं हुए। यह सिखाता है कि रिश्तेदारी का नाता ईमान के बिना किसी काम नहीं आता। सच्ची नजात (मुक्ति) केवल ईमान और अच्छे कर्मों से मिलती है।
- कम संख्या में भी हक़ पर डटे रहना: नूह (अलैहिस्सलाम) के साथ बहुत कम लोग ईमान लाए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। यह हमें सिखाता है कि सच्चाई पर चलने के लिए भीड़ की ज़रूरत नहीं, बल्कि सच्ची नीयत और अल्लाह पर भरोसा काफ़ी है।
- अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा खुला है: जो लोग ईमान लाए, उन्हें अल्लाह ने जहाज़ में सवार करके बचा लिया। यह दिखाता है कि अल्लाह अपने बंदों पर रहम करता है और उन्हें हलाक होने से बचाता है, बशर्ते वे उसकी ओर रुजू करें।
📜 आयत 38-42 — हूद
अनुवाद — हूद 40
सूरा हूद आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यहाँ तक कि जब हमारा हुक्म (अज़ाब) आ पहुँचा और…सूरा आयत 40/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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