अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَآوِي: मैं शरण लूँगा, मैं जाऊँगा और ठहरूँगा।
- يَعْصِمُنِي: मुझे बचाएगा, मुझे सुरक्षा देगा।
- عَاصِمَ: बचाने वाला, रक्षा करने वाला।
- حَالَ: आड़ बन गया, बीच में आ गया।
- الْمَوْجُ: ऊँची लहर, पानी का तूफ़ानी उफान।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपने बेटे को सवार होने का आग्रह किया, तो उसने अहंकार और झूठे भरोसे के साथ उत्तर दिया: "मैं किसी ऊँचे पहाड़ की ओर शरण ले जाऊँगा, जो मुझे पानी से बचा लेगा।" उसे अपनी बुद्धि और सांसारिक साधनों पर घमंड था, और उसने यह नहीं सोचा कि अल्लाह का आदेश सभी साधनों से ऊपर है।
नूह (अलैहिस्सलाम) ने उसे सचेत करते हुए कहा: "आज अल्लाह के आदेश (उसकी यातना) से कोई बचाने वाला नहीं है, सिवाय उसके जिस पर अल्लाह स्वयं रहम करे।" यानी आज न कोई पहाड़, न कोई किला, न कोई ताकत — कुछ भी अल्लाह की पकड़ से नहीं बचा सकता। बचाव केवल अल्लाह की रहमत से है, जो वह जिसे चाहे प्रदान करे। यह नूह (अलैहिस्सलाम) की ओर से अपने बेटे के लिए आख़िरी दावत थी, लेकिन उसने इसे नहीं माना।
फिर अल्लाह की क़ुदरत का मंज़र सामने आया — एक ऊँची और भयानक लहर उठी और नूह (अलैहिस्सलाम) और उसके बेटे के बीच आड़ बन गई। वह पहाड़ की ओर भागा, लेकिन पहाड़ उसे न बचा सका, और वह डूबने वालों में शामिल हो गया। उसका झूठा भरोसा और अहंकार उसके काम न आया।
फ़ायदे (सबक़ और नसीहतें):
- अल्लाह के आदेश के आगे हर साधन बेकार है — चाहे पहाड़ जैसी ठोस चीज़ ही क्यों न हो। सच्ची पनाह केवल अल्लाह की रहमत में है।
- अहंकार और अपनी बुद्धि पर भरोसा इंसान को हलाकत की ओर ले जाता है — नूह के बेटे ने अपनी समझ को नबी की नसीहत पर तरजीह दी, और यही उसकी तबाही का कारण बना।
- नबियों की दावत में नरमी और हिदायत का पैग़ाम होता है — नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपने बेटे को आख़िरी लम्हे तक समझाने की कोशिश की, जो दावत के अंदाज़ की मिसाल है।
- अल्लाह की रहमत ही सबसे बड़ी नेमत है — जिसे अल्लाह रहम कर दे, उसे कोई तबाह नहीं कर सकता, और जिस पर रहम न हो, उसे कोई नहीं बचा सकता।
- रिश्तेदारी और नस्ल अल्लाह के हुक्म के सामने कोई वज़न नहीं रखती — नूह का बेटा नबी का बेटा होते हुए भी कुफ़्र की वजह से हलाक हुआ। यह बताता है कि नजात का ज़रिया ईमान है, न कि ख़ानदान।
- इंसान को अपने साधनों पर नहीं, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए — साधन अल्लाह के हुक्म से ही काम करते हैं, और जब अल्लाह चाहता है, वे नाकाम हो जाते हैं।
📜 आयत 41-45 — हूद
अनुवाद — हूद 43
सूरा हूद आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मुझे माफ कीजिए) मै तो अभी किसी पहाड़ का सहारा…सूरा आयत 43/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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