Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَطَرَنِي: मुझे पैदा किया।
- أَجْرًا: बदला, पारिश्रमिक।
- تَعْقِلُونَ: समझते हो, विवेक से काम लेते हो।
व्याख्या:
हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) अपनी क़ौम 'आद' को सम्बोधित करते हुए कहते हैं: "ऐ मेरी क़ौम! मैं तुमसे इस बुलावे और नसीहत के बदले कोई मेहनताना या इनाम नहीं माँगता। मेरा अज्र और सवाब सिर्फ़ उस अल्लाह के ज़िम्मे है जिसने मुझे पैदा किया। मैं तुमसे किसी दुनियावी फ़ायदे की ख़्वाहिश नहीं रखता, बल्कि मेरा मक़सद सिर्फ़ तुम्हारी भलाई और तुम्हें सीधे रास्ते पर लाना है। क्या तुम इतना भी नहीं समझते कि जो व्यक्ति बिना किसी दुनियावी मुआवज़े के तुम्हारी हिदायत के लिए आया है, वह सच्चा और नेक इरादा रखने वाला है? क्या तुम अपनी अक़्ल से काम लेकर सच और झूठ में फ़र्क़ नहीं कर सकते?"
यहाँ हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि उनकी दावत ख़ालिस अल्लाह के लिए है, न कि किसी सांसारिक लाभ के लिए। वे अपनी क़ौम को यह बताना चाहते हैं कि उनका रिश्ता सिर्फ़ अल्लाह से है, और उन्हें उसी से अज्र की उम्मीद है, जो सबसे बड़ा रज़्ज़ाक़ और ख़ालिक़ है।
फ़ायदे:
- दावत और नसीहत का काम बिल्कुल निःस्वार्थ होना चाहिए। दावत देने वाले को दुनियावी माल या रुत्बे की तमन्ना नहीं रखनी चाहिए।
- एक सच्चा दावत देने वाला अपनी मेहनत का अज्र सिर्फ़ अल्लाह से उम्मीद रखता है, जो सबसे बड़ा इनाम देने वाला है।
- अक़्ल और विवेक का इस्तेमाल करके इंसान सच और झूठ में फ़र्क़ कर सकता है। जो व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के भलाई की तरफ़ बुलाता है, वह सच्चा होता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुनियावी फ़ायदे की लालच से पाक होकर अल्लाह के दीन की ख़िदमत करनी चाहिए, क्योंकि अल्लाह ही सबसे अच्छा बदला देने वाला है।
📜 आयत 49-53 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 51
सूरा हूद आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ मेरी क़ौम मै उस (समझाने पर तुमसे कुछ मज़दूरी…सूरा आयत 51/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 49–53. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


