अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- कौकबन (كَوْكَبًا): तारा, नक्षत्र।
- साजिदीन (سَاجِدِينَ): झुकने वाले, सिर झुकाने वाले, सम्मान में झुकने वाले।
व्याख्या:
हे नबी! आप अपनी क़ौम को यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) की वह घटना सुनाइए, जब उन्होंने अपने पिता याक़ूब (अलैहिस्सलाम) से कहा: "ऐ मेरे पिता! मैंने स्वप्न में ग्यारह तारे देखे, और सूर्य और चंद्रमा को भी देखा। मैंने देखा कि ये सब मुझे सजदा कर रहे हैं।"
यह स्वप्न यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के लिए एक शुभ सूचना थी, जो आगे चलकर पूरी हुई। इस स्वप्न का अर्थ यह था कि अल्लाह उन्हें बड़ा पद और सम्मान प्रदान करेगा, और उनके पिता, माता (या चाची) और उनके ग्यारह भाई सब उनके सामने सम्मान से झुकेंगे। यह उनके भविष्य की महानता और उच्च स्थान की ओर संकेत था, जो अल्लाह ने उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में प्रदान किया। यह स्वप्न उनके जीवन की उस कठिन यात्रा की शुरुआत थी, जिसके अंत में अल्लाह ने उन्हें मिस्र का शासक बनाया और उनके परिवार को उनके सामने झुकने का अवसर दिया।
फ़ायदे:
- स्वप्न का महत्व: यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को स्वप्न के माध्यम से शुभ सूचना और मार्गदर्शन दे सकता है। यह ईमानवालों के लिए एक रहमत है।
- अच्छे स्वप्न की ताबीर: यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) का स्वप्न हमें सिखाता है कि अच्छे स्वप्न अल्लाह की ओर से होते हैं और उनकी ताबीर (व्याख्या) में भलाई होती है। हमें अच्छे स्वप्न देखने पर अल्लाह की तारीफ़ करनी चाहिए।
- पिता-पुत्र का रिश्ता: यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने अपने पिता को अपना स्वप्न बताया, जिससे पता चलता है कि बच्चों को अपने माता-पिता के साथ खुलकर बात करनी चाहिए और उनसे सलाह लेनी चाहिए। यह परिवार में प्रेम और विश्वास को बढ़ाता है।
- अल्लाह की योजना: यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की योजनाएँ हमारी समझ से बेहतर होती हैं। यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) को कठिनाइयों से गुज़रना पड़ा, लेकिन अंत में अल्लाह ने उन्हें ऊँचा पद दिया। हमें हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए।
- विनम्रता का पाठ: स्वप्न में सजदा करने वाले तारे, सूर्य और चंद्रमा यह दर्शाते हैं कि सारी मख़लूक़ात (सृष्टि) अल्लाह के आगे विनम्र है। हमें भी अल्लाह के सामने पूर्ण विनम्रता और समर्पण के साथ सजदा करना चाहिए, क्योंकि यही सच्ची इबादत है।
📜 आयत 2-6 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 4
सूरा यूसुफ आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (वह वक्त याद करो) जब यूसूफ ने अपने बाप से…सूरा आयत 4/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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