Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آيَاتٌ: निशानियाँ, सबक, शिक्षाप्रद घटनाएँ और अल्लाह की क़ुदरत की दलीलें।
- لِلسَّائِلِينَ: पूछने वालों के लिए, यानी जो लोग उनके हाल के बारे में जानने की इच्छा रखते हैं।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यक़ीनन हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) और उनके भाइयों के क़िस्से में उन लोगों के लिए बड़ी निशानियाँ और सबक हैं जो उनके हालात के बारे में पूछते हैं या जानने की ख्वाहिश रखते हैं। यह क़िस्सा महज़ एक कहानी नहीं, बल्कि उसमें अल्लाह की क़ुदरत, उसकी हिकमत और उसके इंतज़ाम की अज़ीम दलीलें मौजूद हैं। जो लोग इस क़िस्से को सुनते हैं, उनके लिए इसमें इबरत और नसीहत है — कि अल्लाह किस तरह अपने बंदों को मुसीबतों से निकालकर इज़्ज़त देता है, किस तरह सब्र और तक़्वा का अंजाम ख़ैर होता है, और किस तरह अल्लाह की तदबीर इंसानी मंसूबों से बालातर होती है। यह आयत बताती है कि यह क़िस्सा सिर्फ़ उन्हीं के लिए नहीं, बल्कि हर ज़माने के लोगों के लिए एक ज़िंदा सबक़ है।
फ़ायदे:
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह की किताब में बयान किए गए पैग़म्बरों के क़िस्से महज़ तारीख़ी वाक़ियात नहीं, बल्कि हर दौर के इंसान के लिए रहनुमाई और हिदायत का ज़रिया हैं।
- यह हमें सब्र और भरोसे की तालीम देती है — जब हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) को भाइयों की साज़िश, कुएँ में डाला जाना, ग़ुलामी और जेल जैसी मुसीबतों का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने अल्लाह पर भरोसा नहीं छोड़ा, और आख़िरकार अल्लाह ने उन्हें मुल्क का अमीन बनाया।
- यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि इंसानी मंसूबे चाहे कितने भी मज़बूत हों, अल्लाह की मर्ज़ी के आगे बेबस हैं; अल्लाह जो चाहता है वही होता है।
- इस आयत में उन लोगों के लिए भी तसल्ली है जो मुसीबतों में घिरे हैं — कि अल्लाह की मदद हर मुश्किल के बाद आती है, बशर्ते इंसान सब्र और अच्छे अख़्लाक़ पर क़ायम रहे।
- यह क़िस्सा हमें माफ़ी और दरगुज़र की तालीम देता है, क्योंकि हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने अपने भाइयों को माफ़ कर दिया और उन पर कोई बदला नहीं लिया — यही अख़्लाक़ी बुलंदी है जो इस्लाम सिखाता है।
📜 आयत 5-9 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 7
सूरा यूसुफ आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) यूसुफ और उनके भाइयों के किस्से में पूछने…सूरा आयत 7/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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