अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَرَقَ: चोरी की, किसी की चीज़ बिना अनुमति के छुपाकर ले ली।
- وَمَا شَهِدْنَا: हमने गवाही नहीं दी।
- إِلَّا بِمَا عَلِمْنَا: सिवाय उसके जो हमने जाना और देखा।
- لِلْغَيْبِ حَافِظِينَ: छुपी हुई बातों (भविष्य या छिपे रहस्य) को जानने वाले या उनकी रक्षा करने वाले।
तफसीर (व्याख्या):
जब भाइयों ने देखा कि बिन्यामीन (अलैहिस्सलाम) के सामान से चाँदी का प्याला (सुआ') निकला, और मिस्र के अज़ीज़ (हज़रत यूसुफ अलैहिस्सलाम) ने उसे अपनी सेवा में रोक लिया, तो बड़े भाई ने सभी भाइयों को सम्बोधित करते हुए कहा: "तुम सब अपने पिता (हज़रत याकूब अलैहिस्सलाम) के पास लौट जाओ और उनसे जाकर साफ़-साफ़ कहो: 'ऐ हमारे पिता! आपके बेटे (बिन्यामीन) ने चोरी की है।' हमने यह बात अपनी ओर से नहीं कही, बल्कि हमने अपनी आँखों से देखा कि प्याला उसके बोरे से निकला, और हमें इस बात का पूरा यक़ीन हो गया। हमने इसके अलावा कोई गवाही नहीं दी, और न ही हमें उसके भविष्य या छिपे हालात का ज्ञान था कि वह चोरी करेगा। अगर हमें पहले से यह मालूम होता, तो हम उसे आपके पास वापस लाने का वादा न करते।"
यहाँ भाइयों का उद्देश्य अपने पिता को सच्चाई से अवगत कराना था, लेकिन साथ ही वे यह भी स्पष्ट कर रहे थे कि वे इस घटना के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं, क्योंकि यह एक ऐसी बात थी जो उनके नियंत्रण से बाहर थी। उन्होंने अपनी लाचारी और अज्ञानता का इज़हार किया कि हम किसी के दिल या भविष्य की बातें नहीं जानते, हमने तो सिर्फ़ वही देखा जो हमारी आँखों के सामने हुआ।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई के सामने झुकना चाहिए, चाहे वह कितनी भी कड़वी क्यों न हो। भाइयों ने अपनी गलती छुपाने की कोशिश नहीं की, बल्कि सीधे अपने पिता के सामने सच रख दिया। यह भी सबक है कि इंसान को अपनी सीमाओं का एहसास होना चाहिए—हम केवल देखी हुई बात की गवाही दे सकते हैं, छिपी हुई बातों का ज्ञान सिर्फ़ अल्लाह को है। यह विनम्रता और ईमानदारी का पाठ पढ़ाती है। जब हम सच बोलते हैं और अपनी कमज़ोरियों को स्वीकार करते हैं, तो अल्लाह हमारी मदद करता है और हमारे दिलों को सुकून देता है। याद रखें, झूठ और धोखा अस्थायी राहत देते हैं, लेकिन सच्चाई हमेशा बेहतर अंजाम तक पहुँचाती है। अल्लाह हमें सच्चे और ईमानदार बनने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 79-83 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 81
सूरा यूसुफ आयत 81 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम लोग अपने वालिद के पास पलट के जाओ और…सूरा आयत 81/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 79–83. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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