Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَصَلَتْ: अलग हुई, निकल पड़ी।
- الْعِيرُ: क़ाफ़िला (व्यापारिक कारवाँ)।
- أَجِدُ: मैं पाता हूँ, महसूस करता हूँ।
- رِيحَ: ख़ुशबू, गंध।
- تُفَنِّدُونِ: मुझे बुद्धिभ्रष्ट (कमज़ोर अक़्ल) कहते हो, मुझ पर बुज़ुर्गी का इल्ज़ाम लगाते हो, या मेरी बात को बेहूदा और बेसिर-पैर की कहते हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़ाफ़िला (जो यूसुफ़ अलैहिस्सलाम के भाई और उनका सामान लेकर मिस्र से वापस लौट रहा था) मिस्र की आबादी से अलग होकर निकल पड़ा, और उस वक़्त याक़ूब अलैहिस्सलाम अपने बेटों और पास बैठे लोगों से कहने लगे: "मुझे यूसुफ़ की ख़ुशबू आ रही है।" यह उनके ईमान और यक़ीन की निहायत ऊँची मंज़िल थी कि अल्लाह ने उन्हें यह एहसास कराया। उन्होंने यह भी कहा: "अगर तुम मुझे बुद्धिभ्रष्ट और बुज़ुर्गी की वजह से कमज़ोर अक़्ल वाला न कहो (और मेरी बात को सच मानो) तो (समझ लो कि यह ख़ुशबू सचमुच यूसुफ़ की है)।" यानी उन्हें पता था कि लोग उनकी इस बात को बुज़ुर्गी का वहम या सोच की कमज़ोरी समझेंगे, इसलिए उन्होंने पहले ही यह बात कह दी।
यह वही मौक़ा था जब यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने अपना क़मीज़ (वह क़मीज़ जो उन्होंने अपने भाई बिन्यामीन के साथ भेजा था) अपने पिता के पास पहुँचाने के लिए भेजा था, और अल्लाह ने उसकी ख़ुशबू पहले ही याक़ूब अलैहिस्सलाम को महसूस करा दी। यह अल्लाह की क़ुदरत का नमूना था कि दूर होकर भी उन्हें अपने बेटे की ख़ुशबू आ गई।
फ़ायदे (निष्कर्ष):
- अल्लाह पर भरोसे की ताक़त: याक़ूब अलैहिस्सलाम ने कई सालों तक यूसुफ़ की जुदाई सही, लेकिन अल्लाह से उनकी उम्मीद कभी ख़त्म नहीं हुई। यह हमें सिखाता है कि मुसीबत में भी अल्लाह की रहमत से उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
- अल्लाह की क़ुदरत: अल्लाह जब चाहता है, दूर की चीज़ों का एहसास करा देता है। यह हमें यक़ीन दिलाता है कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, और वह अपने नेक बंदों की मदद अनोखे तरीक़ों से करता है।
- बुज़ुर्गों की बात का एहतिराम: यह आयत हमें सिखाती है कि बुज़ुर्गों और पीर-ए-मुक़म्मल (पूरे बुज़ुर्ग) की बातों को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि उनके दिलों में अल्लाह की तरफ़ से रौशनी होती है।
- सब्र और यक़ीन का इनाम: याक़ूब अलैहिस्सलाम ने सब्र किया और अल्लाह ने उन्हें वह ख़ुशी दी जिसका उन्हें इंतज़ार था। यह हमें सिखाता है कि सब्र और दुआ का नतीजा हमेशा अच्छा होता है।
- ख़ुशख़बरी की पहचान: अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी-कभी ग़ैब से ख़ुशख़बरी देता है, जैसे याक़ूब अलैहिस्सलाम को यूसुफ़ की ख़ुशबू का एहसास हुआ। यह हमें बताता है कि अल्लाह से नज़दीकी हासिल करने पर उसकी तरफ़ से ऐसी नेमतें मिलती हैं जो आम लोगों की समझ से बाहर होती हैं।
📜 आयत 92-96 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 94
सूरा यूसुफ आयत 94 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो ही ये काफ़िला मिस्र से चला था कि…सूरा आयत 94/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 92–96. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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