अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَمِيصِي (क़मीसी): मेरा कुर्ता (वह वस्त्र जो शरीर के ऊपरी भाग को ढकता है)।
- فَأَلْقُوهُ (फ़अल्क़ूहु): उसे डाल दो (फेंक दो)।
- يَأْتِ بَصِيرًا (यअति बसीरन): वह दृष्टिवान होकर आ जाएगा (आँखों की रोशनी लौट आएगी)।
- وَأْتُونِي (वअतूनी): और मेरे पास ले आओ।
- أَجْمَعِينَ (अजमईन): सभी को एक साथ (सम्पूर्ण परिवार)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने अपने भाइयों से अपने पिता के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि आपके पिता (याक़ूब अलैहिस्सलाम) आपके बिछड़ने के ग़म में इतना रोए कि उनकी आँखों की रोशनी चली गई और वे अंधे हो गए हैं। यह सुनकर यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) का दिल पिता के प्रति प्रेम और करुणा से भर गया। उन्होंने अपने भाइयों को अपना वह कुर्ता देते हुए कहा: "मेरा यह कुर्ता ले जाओ और इसे मेरे पिता के चेहरे पर डाल दो। अल्लाह की क़ुदरत से उनकी आँखों की रोशनी लौट आएगी और वे दृष्टिवान हो जाएँगे।" यह यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के लिए अल्लाह की ओर से एक चमत्कार था, क्योंकि उनका कुर्ता शिफ़ा (उपचार) का ज़रिया बना। इसके बाद उन्होंने अपने भाइयों से कहा: "और अपने पूरे परिवार (पिता, माता और सभी भाई-बहनों) को लेकर मेरे पास मिस्र आ जाओ।" यह आदेश इसलिए था ताकि पूरा परिवार एकत्र हो जाए और यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) की इज़्ज़त और अल्लाह की महान कृपा का दृश्य सबके सामने आए।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- पिता और पुत्र का प्रेम: यह आयत हमें सिखाती है कि माता-पिता के प्रति प्रेम और सम्मान इस्लाम की बुनियादी शिक्षा है। यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने सत्ता और राज्य मिलने के बाद भी अपने पिता को नहीं भुलाया और उनकी तकलीफ़ दूर करने का हर संभव प्रयास किया।
- अल्लाह पर भरोसा: जब इंसान अल्लाह पर पूरा भरोसा करता है, तो अल्लाह उसके लिए ऐसे रास्ते खोलता है जिनका उसे अंदाज़ा भी नहीं होता। एक साधारण कुर्ता अल्लाह की इच्छा से आँखों की रोशनी लौटाने का ज़रिया बन गया।
- क्षमा और भलाई: यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने अपने भाइयों के साथ किए गए बुरे व्यवहार (कुएँ में डालना) का बदला नहीं लिया, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ बुलाया और पूरे परिवार को अपने पास बसाया। यह हमें सिखाता है कि क्षमा करना और भलाई करना सबसे उत्तम गुण है।
- परिवार का महत्व: इस आयत में परिवार को एकजुट रखने और उनकी देखभाल करने की प्रेरणा है। यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने अपने पूरे परिवार को अपने पास बुलाकर यह साबित किया कि दुनिया की कोई भी तरक्की परिवार के बिना अधूरी है।
- अल्लाह की क़ुदरत: यह आयत अल्लाह की असीम शक्ति की याद दिलाती है, जो चाहे तो किसी भी चीज़ में बरकत और शिफ़ा रख दे। हमें हर हाल में अल्लाह से उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
📜 आयत 91-95 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 93
सूरा यूसुफ आयत 93 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसको अब्बा जान के चेहरे पर डाल देना कि…सूरा आयत 93/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 91–95. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








